वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे की हालत जर्जर, टोल वसूली रोकने की मांग
मिर्ज़ापुर के नारायनपुर में सड़क पर बने गहरे गड्ढों से आवागमन जोखिमपूर्ण; मरम्मत होने तक स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा बंद करने की मांग की।

तस्वीर में नारायनपुर मिर्ज़ापुर स्थित स्टेट हाईवे पर पानी से भरा बड़ा गड्ढा दिख रहा है।
वाराणसी/मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के सर्वाधिक व्यस्ततम मार्गों में शामिल स्टेट हाईवे 5A-1 (वाराणसी-शक्तिनगर) की नारायनपुर, मिर्ज़ापुर में हालत इन दिनों बद से बद्तर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह एक-एक फीट गहरे विशाल गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन गड्ढों की आकृतियां कई जगह भारत के नक्शे जैसी दिखाई दे रही हैं।
स्टेट हाईवे 5A-1 से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग पर आवागमन बेहद कठिन और जोखिमपूर्ण हो गया है। बरसात के मौसम में सड़क का स्थायी निर्माण अथवा मरम्मत संभव न होने की बात कही जा सकती है, लेकिन पांच-सात ट्रक गिट्टी डालकर इन बड़े गड्ढों को भरते हुए मार्ग को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया जा सकता है।
मीरजापुर जिले की पांचों विधानसभा सीटों और लोकसभा सीट पर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि होने के साथ ही जिले में कई मंत्री भी हैं। इसके बावजूद इतने महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे की यह दुर्दशा लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के लिए संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन तो जिम्मेदार हैं ही, लेकिन जिले के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी भी कम नहीं है, जो इतनी गंभीर समस्या के बावजूद मूकदर्शक बने हुए हैं।
वाहन चालकों का कहना है कि टोल टैक्स देने में जितनी परेशानी नहीं होती, उससे कहीं अधिक परेशानी इस जर्जर सड़क से गुजरने में होती है। लोगों ने मांग की है कि जब सड़क चलने लायक नहीं है तो टोल वसूली पर भी विचार किया जाना चाहिए।
अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि जब तक स्टेट हाईवे 5A-1 (वाराणसी-शक्तिनगर) का निर्माण और समुचित मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक हाजीपुर एवं अहरौरा स्थित टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की वसूली बंद की जानी चाहिए। स्टेट हाईवे की बदहाली और गहरे गड्ढों के बीच राहगीरों की सुरक्षा तथा सुचारु आवागमन का मुद्दा अब गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

Santosh Giri
नाम: संतोष देव गिरि
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार
कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश
अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)
बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय
परिचय
संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:
- दैनिक जागरण
- हिंदुस्तान
- राष्ट्रीय सहारा
- सहारा समय
- दैनिक मान्यवर
- दैनिक भास्कर
- चौथी दुनिया
- हमवतन
- लोकमत
शैक्षणिक योग्यता
स्नातक (Graduate)
