चंदौली/वाराणसी में लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की बढ़ती आवक के बीच गंगा और चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है। वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंच गई है, जबकि चंदौली में चंद्रप्रभा बांध के जलस्तर में बुधवार को तेज वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में अगले 48 से 72 घंटे जलस्तर की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

चंदौली में चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर बुधवार को महज दस घंटे में 6.1 फीट बढ़ गया। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह सात बजे बांध का गेज 760.6 फीट था, जो शाम पांच बजे बढ़कर 766.7 फीट पहुंच गया। यानी करीब दस घंटे में जलस्तर में 6.1 फीट की वृद्धि हुई।

बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश और बंजरिया रेगुलेटर से पानी की आवक के कारण जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो जल प्रबंधन के तहत आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, बांध से पानी छोड़े जाने के समय और मात्रा को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उधर, वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। बढ़ते जलस्तर का असर गंगा के तटवर्ती और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। वरुणा नदी से जुड़े निचले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है और लोगों को नदी तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

चंदौली और आसपास के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर चंद्रप्रभा बांध में पानी की आवक और बढ़ सकती है। वहीं वाराणसी में गंगा पहले ही चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है। ऐसे में आने वाले 48 से 72 घंटे जलस्तर की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ती है तो निचले इलाकों पर दबाव बढ़ सकता है। बारिश थमने और पानी की आवक घटने पर जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना बनेगी।

चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी के आसपास के निचले गांवों, बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र तथा गंगा किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रखने और नदी, नाले तथा तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

कर्मनाशा नदी के वर्तमान प्रमाणित गेज का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के कारण इस खबर में उसका जलस्तर संबंधी आंकड़ा नहीं दिया गया है। चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित प्रवाह क्षेत्रों पर संभावित असर को देखते हुए विभागीय निगरानी महत्वपूर्ण होगी।

जनहित में नदी या नाले के तेज बहाव को पार करने का जोखिम नहीं लेने, बच्चों और पशुओं को नदी किनारे नहीं जाने देने तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरी सामान, दवाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने की अपील की गई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल चंदौली में चंद्रप्रभा बांध के जलस्तर में हुई तेज वृद्धि और वाराणसी में गंगा के चेतावनी बिंदु पार करने से दोनों जिलों में सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दो से तीन दिन जलस्तर और पानी की आवक की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)

नाम: मनमोहन

पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन

मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता

परिचय (About Manmohan)

मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।

पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)

मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।

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