मिर्जापुर की किसान वंदना सिंह को सम्मान, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती में किया उल्लेखनीय कार्य
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस पर मिर्जापुर की महिला किसान वंदना सिंह को ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र बरकछा को भी कृषि प्रसार और कृषक प्रशिक्षण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान मिला।

तस्वीर में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के स्थापना दिवस समारोह, लखनऊ के दौरान मिर्जापुर की महिला किसान वंदना सिंह को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाता हुआ दिखाया गया है।
मिर्जापुर की महिला किसान वंदना सिंह को ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के स्थापना दिवस समारोह में सम्मानित किया गया। कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने और कृषि विकास में योगदान के लिए उनका चयन किया गया था। इसी समारोह में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा, मिर्जापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र को भी उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राजधानी लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के सभागार में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों और संस्थानों को सम्मानित किया गया। समारोह में मिर्जापुर की वंदना सिंह को उनके कृषि कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ ने स्थापना दिवस के अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने तथा ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती के माध्यम से कृषि विकास में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए वंदना सिंह को सम्मानित करने के लिए चयनित किया था। समारोह में आमंत्रित वंदना सिंह को उनके उत्कृष्ट कृषि कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियों को अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए परिषद ने उनके उज्ज्वल भविष्य और कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान उनके विचार भी अन्य किसानों के समक्ष रखे गए, ताकि उनके कृषि अनुभवों से दूसरे किसान भी लाभान्वित हो सकें।
इसी समारोह में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा, मिर्जापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र को भी कृषि प्रसार, कृषक प्रशिक्षण और नवीन कृषि तकनीकों के प्रसार में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। केंद्र को कृषक आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र, बरकछा की ओर से यह सम्मान कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर श्रीराम सिंह ने प्राप्त किया। सम्मान समारोह भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ के उप महानिदेशक प्रो. परमेंद्र सिंह, परिषद के महानिदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी, किसान और विशिष्ट जन मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस पर वंदना सिंह और कृषि विज्ञान केंद्र, बरकछा को मिला सम्मान कृषि विकास, उन्नत खेती की तकनीकों के प्रसार, कृषक प्रशिक्षण और किसानों की आय में वृद्धि के क्षेत्र में किए गए कार्यों की मान्यता के रूप में सामने आया।

Santosh Giri
नाम: संतोष देव गिरि
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार
कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश
अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)
बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय
परिचय
संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:
- दैनिक जागरण
- हिंदुस्तान
- राष्ट्रीय सहारा
- सहारा समय
- दैनिक मान्यवर
- दैनिक भास्कर
- चौथी दुनिया
- हमवतन
- लोकमत
शैक्षणिक योग्यता
स्नातक (Graduate)
