उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा-2016 में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 सितंबर 2026 को देहरादून में कई स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। ईडी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत यह कार्रवाई की। मामला थाना विजिलेंस, देहरादून में दर्ज एफआईआर और मामले से जुड़ी तीन अन्य एफआईआर से संबंधित है। तलाशी अभियान का प्रमुख केंद्र उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का आवास रहा।

ईडी ने चयन आयोग के तत्कालीन चेयरमैन, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित साजिश से जुड़े बिचौलियों के परिसरों पर भी तलाशी ली। इसके अलावा चंदन सिंह जीना के आवास पर कार्रवाई की गई। ईडी के मुताबिक जीना वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के व्यक्तिगत सहायक (पीएम) के रूप में कार्यरत हैं। वह वर्ष 2014 से 2017 के दौरान रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) भी रह चुके हैं।

ईडी की जांच में सामने आया कि यूकेएसएसएससी की सुरक्षित अभिरक्षा में रखी ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं को तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाया गया था। वहां अधूरी छोड़ी गई ओएमआर शीटों के रोल नंबर नोट किए जाते थे। इसके बाद इन शीटों को निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंपा जाता था। ईडी के अनुसार, इन कर्मचारियों ने कथित तौर पर उत्तरों के बुलबुले धोखाधड़ी से भरने और बदलने का काम किया। इसके बाद ओएमआर शीटों को दोबारा सील कर दिया जाता था। एजेंसी के मुताबिक, इस कथित हेरफेर के बदले बिचौलियों के माध्यम से अवैध रकम पहुंचाई जाती थी।

ईडी के अनुसार, चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम सोना मिला, जिसमें 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं। तलाशी के दौरान 12 लग्जरी कलाई घड़ियां भी मिलीं। इनमें रोलेक्स, राडो, पैगेट, मोवाडो, टिस्सोट और कैसियो एडीफिश जैसे ब्रांड शामिल हैं।

ईडी ने चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किया है। इन खातों में कुल 52,16,312 रुपये का क्रेडिट बैलेंस बताया गया है। जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। ईडी के मुताबिक, जांच में जीना के बड़े पैमाने पर नकद खर्च का भी पता चला, जिसका स्पष्ट स्रोत नहीं बताया गया और जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से पुष्ट नहीं होता।

ईडी के मुताबिक, चंदन सिंह जीना के आवास पर जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मौजूदा मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है। यह रकम अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि बरामद 12 लग्जरी घड़ियों का मूल्य अलग से निर्धारित किया जा रहा है।

Om Prakash Pal

Om Prakash Pal

नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

Next Story