उत्तर प्रदेश में राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह कार्रवाई प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 34 के तहत दाखिल वादों की तहसीलवार और अधिकारीवार समीक्षा के बाद की गई। निलंबित अधिकारियों में अमित यादव, तहसीलदार संडीला (हरदोई), कृष्ण कुमार मिश्रा, तहसीलदार देवरिया, सौरभ कुमार, तहसीलदार जौनपुर, रंजन वर्मा, तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या एवं वर्तमान तहसीलदार गाजीपुर और अलख शुक्ला, तहसीलदार प्रतापगढ़ शामिल हैं।

इससे पहले एक सितंबर को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित समय सीमा में राजस्व वादों का हर स्थिति में निस्तारण सुनिश्चित करने और लापरवाही या उदासीनता मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों के कामकाज और निस्तारण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने या लापरवाही पाए जाने पर आगे भी बिना शिथिलता के दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वादों के निस्तारण में लापरवाही के मामले में 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा, तत्कालीन तहसीलदार देवरिया एवं वर्तमान तहसीलदार गोरखपुर, गोपाल जी, तत्कालीन नायब तहसीलदार देवरिया एवं वर्तमान नायब तहसीलदार कुशीनगर, रविरंजन कश्यप, तहसीलदार जौनपुर, राकेश कुमार, तत्कालीन तहसीलदार जौनपुर एवं वर्तमान तहसीलदार बलरामपुर, कविता ठाकुर, तत्कालीन तहसीलदार बाराबंकी एवं वर्तमान तहसीलदार गोंडा, देवानन्द तिवारी, तत्कालीन तहसीलदार सुल्तानपुर एवं वर्तमान तहसीलदार फिरोजाबाद, स्नेहल वर्मा, तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या एवं वर्तमान नायब तहसीलदार लखनऊ शामिल हैं।

इसके अलावा राहुल सिंह, तहसीलदार अमेठी; अनिल कुमार, तहसीलदार प्रतापगढ़; यजुवेन्द्र सिंह और सुखवीर सिंह, नायब तहसीलदार लखनऊ; रमाशंकर मिश्रा, नायब तहसीलदार रायबरेली तथा शार्द सिंह, तहसीलदार लखनऊ को भी नोटिस जारी किया गया है। राजस्व परिषद इन मामलों में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर रहा है। लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर की गई यह कार्रवाई अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है।

Om Prakash Pal

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नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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