उत्तर प्रदेश विधान मंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर 2025 को शुरू हो गया। यह सत्र 24 दिसंबर 2025 तक चलेगा और चार कार्य दिवसों में समेटा गया है, क्योंकि सप्ताहांत को अवकाश रखा गया है। सत्र की शुरुआत से ही राजनीतिक हलचल और विधायी गतिविधियों की तैयारियाँ नजर आईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस छोटे सत्र में भी महत्वपूर्ण फैसलों और चर्चाओं की संभावना है।

सत्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधान सभा अध्यक्ष की उपस्थिति में हुआ। पहले दिन की कार्यवाही में विधानसभा ने दिवंगत सांसदों और विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विधायी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इसके बाद सत्र की मुख्य कार्यसूची पर चर्चा शुरू हुई।

इस शीतकालीन सत्र में विपक्षी दलों ने सरकार को कड़ी चुनौती देने की तैयारी की है। सपा और कांग्रेस विशेष रूप से SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और कोडीन आधारित खुराक विवाद पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। पहले दिन भी विपक्षी विधायकों ने इन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन और पोस्टर लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इससे स्पष्ट है कि सत्र में राजनीतिक बहसें और संभावित हंगामे देखने को मिल सकते हैं।

सत्र की सुरक्षा के लिए विधान भवन और आसपास के क्षेत्रों में बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अर्धसैनिक बल, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। साथ ही, विधानसभा क्षेत्र के आसपास ट्रैफिक को नियंत्रित करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष मार्गदर्शन और मार्ग परिवर्तनों की योजना बनाई गई है।

पहले दिन की कार्यवाही में विधान सभा ने संसदीय प्रक्रिया और नियमों के अनुसार सभी औपचारिकताओं का पालन किया। सत्र में विधायी विधेयकों की पेशी, बजट चर्चा और विशेष प्रस्तावों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, सदन में ‘वन्दे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसे लगभग पाँच घंटे तक चलाया जाएगा।

इस सत्र में कुल आठ अध्यादेशों को विधेयक के रूप में पेश कर कानून बनाने की योजना है। साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पूरक बजट भी 22 दिसंबर को प्रस्तुत किया जाएगा। इन कार्यों के माध्यम से सरकार विभिन्न योजनाओं और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों को औपचारिक रूप देगी।

सत्र की समाप्ति के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि चार दिनों के इस छोटे लेकिन गहन सत्र में सरकार और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और विधायी फैसलों का अवसर रहा। प्रशासनिक तैयारियाँ और विधायी गतिविधियाँ मिलकर यह संदेश देती हैं कि उत्तर प्रदेश विधान मंडल का शीतकालीन सत्र केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य के विकास और राजनीति के महत्वपूर्ण मोड़ का मंच है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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