यूपी पॉलिटिक्स ब्रेकिंग: आधे से ज्यादा मंत्रियों की होगी विदाई ; डेंजर जोन में कई बड़े नाम
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर की तैयारी! योगी कैबिनेट में 'गुजरात मॉडल' के तहत 70% मंत्रियों की कुर्सी खिसक सकती है। मकर संक्रांति के बाद संभावित फेरबदल में पंकज सिंह और आकाश सक्सेना समेत कई नए चेहरों की एंट्री संभव। जानें किन दिग्गजों की होगी विदाई और क्या है भाजपा हाईकमान का नया मास्टरप्लान।

Caste equations in UP cabinet reshuffle 2026 : उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बड़े और अभूतपूर्व प्रशासनिक भूकंप की आहट सुनाई दे रही है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में 'गुजरात मॉडल' की तर्ज पर आमूलचूल परिवर्तन होने जा रहे हैं। चर्चा है कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाने के लिए लगभग 70 प्रतिशत मंत्रियों की कुर्सी छीनी जा सकती है। दिल्ली से लखनऊ तक मची इस हलचल ने न केवल सत्ता के गलियारों में बेचैनी पैदा कर दी है, बल्कि उन दिग्गजों की रातों की नींद उड़ा दी है जो पिछले दो कार्यकाल से मंत्रालय संभाल रहे हैं।
कैबिनेट में महा-सफाई: पुराने चेहरों की विदाई और जातीय समीकरण :
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा हाईकमान इस बार 'नो रिपीट' पॉलिसी या व्यापक फेरबदल की ओर कदम बढ़ा रहा है। सूत्रों का दावा है कि गाज विशेष रूप से उन मंत्रियों पर गिर सकती है जो 2017 और 2022 की सरकारों में लगातार बने हुए हैं।
इस फेरबदल में जातीय समीकरणों का खास ख्याल रखा जा रहा है। भले ही पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी की कमान सौंपी गई है, लेकिन आगामी कैबिनेट विस्तार में 'कुर्मी' समाज का दबदबा बढ़ने के आसार हैं। माना जा रहा है कि इस समाज से 2-3 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
इन संभावित नामों पर टिकी हैं सबकी निगाहें :
कैबिनेट में शामिल होने वाले संभावित चेहरों की सूची लंबी है, जिसमें युवा जोश और अनुभवी रणनीतिकारों का मिश्रण दिखाई देता है:
- प्रमुख नाम: आकाश सक्सेना (रामपुर), कुंवर जयवीर सिंह (अलीगढ़), और पंकज सिंह (नोएडा विधायक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र)।
- चर्चित चेहरे: साध्वी निरंजन ज्योति, भूपेंद्र सिंह चौधरी, पूजा पाल, और मनोज पांडेय।
- वापसी: पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह की दोबारा काबीना में एंट्री की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
- अन्य नाम: कृष्णा पासवान, राम रतन कुशवाहा, पद्मसेन चौधरी, अशोक कटारिया और संजीव गोंड जैसे नेताओं के नामों पर भी मंथन जारी है।
दिल्ली में मंथन और मकर संक्रांति का डेडलाइन :
इस बड़े फेरबदल की पटकथा पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के बाद कोर ग्रुप की बैठकों में लिखी जा चुकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी की दिल्ली में भाजपा शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों ने इन अटकलों को पुख्ता कर दिया है। सरकार और संगठन की नई जिम्मेदारियों का खाका तैयार हो चुका है। सूत्रों की मानें तो मकर संक्रांति के ठीक बाद किसी भी दिन नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
वर्तमान कैबिनेट का ढांचा :
वर्तमान में योगी सरकार में कुल 54 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री सहित 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं। केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जैसे दिग्गजों से लेकर ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जैसे हालिया सहयोगियों तक, सभी इस संभावित बदलाव की जद में आ सकते हैं।
यह फेरबदल केवल चेहरों का बदलाव नहीं, बल्कि 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिए भाजपा की एक सोची-समझी बिसात मानी जा रही है। अगर 70% मंत्रियों को बदला जाता है, तो यह उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा 'पॉलिटिकल क्लीनअप' होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
