UP assembly budget session 2026 : उत्तर प्रदेश के वित्तीय इतिहास में 11 फरवरी 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य विधानसभा में अब तक का सबसे विशाल और महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सदन के पटल पर रखा गया 9,12,696.35 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। यह केवल आंकड़ों का पुलिंदा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन को धरातल पर उतारने और उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

बजट की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की विशेष बैठक हुई, जिसमें इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि यह बजट 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुशासन और समावेशी विकास की नीतियों के साथ 'नया उत्तर प्रदेश' अब एक सशक्त और समृद्ध राज्य के निर्माण की ओर अग्रसर है, जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान—ये चार स्तंभ केंद्र में रखे गए हैं।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था :


विकास का नया इंजन बजट में कृषि क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने की दोहरी रणनीति अपनाई है। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में कृषि क्षेत्र का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया है। उत्तर प्रदेश 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है। सबसे प्रमुख घोषणा गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि रही, जिससे राज्य के लाखों किसानों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में 'उन्नत बीज पार्क' स्थापित किए जाएंगे, जिसका पहला केंद्र लखनऊ के अटारी में 130 एकड़ में विकसित किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचा और औद्योगिक क्रांति :


मोबाइल हब बनता यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश आज भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी में उत्पादित हो रहा है। इसके अलावा, भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी प्रदेश में स्थित हैं। राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये के प्रभावशाली आंकड़े तक पहुंच गया है। चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए राज्य ने 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं, जिनसे आने वाले समय में 10 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के आंकड़े सरकार ने अपनी उपलब्धियों का विवरण देते हुए बताया कि राज्य में बेरोजगारी की दर अब घटकर मात्र 2.24 प्रतिशत रह गई है। मिशन रोजगार के तहत साल 2017 से अब तक केवल सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में ही 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है। बजट में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है:

  • स्वास्थ्य: दवाओं के दामों में कटौती और अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।
  • गरीबी उन्मूलन: पिछले कुछ वर्षों में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने का दावा।
  • प्रति व्यक्ति आय: 2025-26 तक प्रति व्यक्ति आय के बढ़कर 1,20,000 रुपये होने का अनुमान, जो 2016-17 में मात्र 54,564 रुपये थी।
  • कानून-व्यवस्था: 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अपराध मुक्त वातावरण और यूपी-112 के रिस्पॉन्स टाइम में कमी।

विपक्ष का प्रहार और राजनीतिक प्रतिक्रिया जहां सत्ता पक्ष इस बजट को 'सर्वस्पर्शी' और 'ऐतिहासिक' बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे 'आंकड़ों की बाजीगरी' करार दिया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे भाजपा का 'विदाई बजट' बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। सपा नेता शिवपाल यादव ने इसे 'जुमलों का बजट' कहा, जबकि कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' ने बजट खर्च की धीमी गति को लेकर सरकार को घेरा। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे बजट का गहन अध्ययन करें और जनहित की योजनाओं पर सार्थक चर्चा करें। यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐसे बदलाव का संकेत है जहां राज्य 'बॉटलनेक स्टेट' की पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक आर्थिक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह विशालकाय आवंटन जमीन पर कितनी तेजी से क्रियान्वित होता है।


उत्तर प्रदेश बजट 2026: मुख्य सांख्यिकीय विश्लेषण

क्षेत्र/श्रेणी

विवरण/आंकड़ा (FY 2026-27)

तुलनात्मक वृद्धि/ टिप्पणी

कुल बजट आकार

₹9,12,696.35 करोड़

पिछले वर्ष (2025-26) से 12.9% की वृद्धि

गन्ना मूल्य (वृद्धि)

₹30 प्रति क्विंटल

किसानों को ₹3000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ

प्रति व्यक्ति आय

₹1,20,000 (अनुमानित)

2016-17 (₹54,564) के मुकाबले 120% की बढ़त

बेरोजगारी दर

2.24%

अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक

मोबाइल विनिर्माण

देश का 65% हिस्सा

यूपी अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण हब

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात

₹44,744 करोड़

अंतरराष्ट्रीय व्यापार में राज्य की मजबूत हिस्सेदारी

शिक्षक भर्ती

34,074+ चयन

2017 से अब तक (सहायता प्राप्त विद्यालय)

गरीबी उन्मूलन

06 करोड़ लोग

बहुआयामी गरीबी सूचकांक से बाहर आए


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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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