अस्पताल नहीं मिला तो बेबस मां ने खुद ही चाकू से फाड़ा अपना पेट, आंतें बाहर लटकीं पर सुरक्षित जन्मी 'लाडो'
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नंदवल गांव में ममता और बेबसी की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। प्रसव पीड़ा से तड़पती एक विधवा महिला ने अस्पताल न पहुँच पाने की स्थिति में खुद ही चाकू से अपना पेट चीरकर बच्ची को जन्म दिया। गंभीर हालत में महिला को लखनऊ KGMU रेफर किया गया है, जबकि नवजात सुरक्षित है। पढ़ें इस हृदयविदारक घटना की पूरी रिपोर्ट।

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मातृत्व की पराकाष्ठा और ग्रामीण भारत में चिकित्सा अभाव की कड़वी सच्चाई को एक साथ उजागर कर दिया है। बौंडी थाना क्षेत्र के नंदवल गांव में एक बेबस मां ने असहनीय प्रसव पीड़ा से तड़पते हुए वह कदम उठाया जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए। घर में किसी बड़े सदस्य की अनुपस्थिति और मदद की उम्मीद टूटने पर इस महिला ने खुद ही धारदार हथियार से अपना पेट चीर दिया ताकि वह अपनी संतान को दुनिया में ला सके।
यह मर्माहत करने वाली घटना गुरुवार, 19 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे घटित हुई। गांव की रहने वाली ननकई कुमारी (उम्र लगभग 32-34 वर्ष) घर पर अकेली थी। छह माह पूर्व पति की मृत्यु के बाद वह अपने बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थी। गुरुवार को जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे और भीतर ननकई दर्द से कराह रही थी। समय बीतने के साथ पीड़ा इतनी विकराल हो गई कि सुध-बुध खो चुकी ननकई ने पास ही रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और स्वयं ही अपना पेट चीर डाला।
चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण घर की ओर दौड़े, तब तक मंजर खौफनाक हो चुका था। ग्रामीणों ने देखा कि ननकई लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी और उसकी आंतें बाहर लटक रही थीं। इसी भयावह स्थिति के बीच उसने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने एम्बुलेंस बुलाकर उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने प्रसव की औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल और फिर वहां से लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है, जिसे कुदरत का करिश्मा ही कहा जाएगा। हालांकि, ननकई की हालत अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है और लखनऊ में विशेषज्ञों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है। यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज और तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे आज भी अभाव और एकाकीपन एक इंसान को जीवन और मृत्यु के बीच इस तरह के आत्मघाती निर्णय लेने पर विवश कर देते हैं।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
