SSC GD Constable 2026 Exam Cancelled : उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्रों के भविष्य पर एक बार फिर तकनीकी अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की गाज गिरी है। राज्य के कई प्रमुख शहरों में 25 मई को आयोजित कर्मचारी चयन आयोग की जनरल ड्यूटी (SSC GD) कांस्टेबल परीक्षा 2026 के दौरान सर्वर ठप होने और कंप्यूटर प्रणालियों के काम न करने के कारण परीक्षा की पालियों (Shifts) को आनन-फानन में रद्द करना पड़ा। इस औचक फैसले के बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और महीनों से इस दिन का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य एक झटके में अधर में लटक गया। राजधानी लखनऊ से लेकर प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर जैसे बड़े शिक्षा केंद्रों से आई अव्यवस्था की तस्वीरों ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

घटनाक्रम के अनुसार, परीक्षा शुरू होते ही केंद्रों पर तकनीकी खराबी और व्यापक स्तर पर सर्वर फेलियर की समस्या सामने आई। स्क्रीन पर सर्वर एरर आने और सिस्टम लॉक होने के कारण अभ्यर्थी घंटों अपनी सीटों पर बेबस बैठे रहे। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में परीक्षा केंद्रों के भीतर का भयावह नजारा साफ देखा जा सकता है, जहां हताश और आक्रोशित छात्र खुद ही कंप्यूटर और अन्य मशीनों को ठीक करने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। समय बीतने के साथ जब प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। केंद्रों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक कुप्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ केंद्रों पर आक्रोशित भीड़ द्वारा कंप्यूटर और अन्य सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

इस बड़े तकनीकी व्यवधान और हंगामे के बाद कर्मचारी चयन आयोग हरकत में आया है। आधिकारिक बयान जारी करते हुए आयोग ने प्रभावित पारियों की परीक्षा को स्थगित करने की घोषणा की है। एसएससी ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि इस तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित हुए सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और इसके लिए जल्द ही नई तारीखों के साथ नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि, परीक्षा नियामक संस्थाओं के इन पारंपरिक आश्वासनों से छात्रों का आक्रोश थमता नहीं दिख रहा है, क्योंकि भीषण गर्मी के बीच दूर-दराज के जिलों से यात्रा करके आए अभ्यर्थियों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी टूट चुके हैं।

यह घटना ऐसे नाजुक समय पर हुई है जब देश पहले से ही नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों से उद्वेलित है। इस तकनीकी विफलता ने हालिया विवादों से उपजे जन-असंतोष और अविश्वास की आग में घी डालने का काम किया है। इस प्रशासनिक विफलता को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने इस घटना को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार देते हुए वर्तमान सरकार को घेरा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।

उत्तर प्रदेश में एसएससी जीडी परीक्षा का इस तरह बीच में रद्द होना केवल एक तकनीकी खामी मात्र नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के सपनों और उनकी कड़ी मेहनत पर एक बड़ा आघात है। हाल के दिनों में एक के बाद एक परीक्षाओं के स्थगित होने, लीक होने या रद्द होने से पूरी चयन प्रक्रिया पर से छात्रों का भरोसा डिगने लगा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग कितनी जल्दी और पारदर्शिता के साथ इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करा पाता है, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जब तक देश का परीक्षा ढांचा पूरी तरह जवाबदेह और फुलप्रूफ नहीं बनाया जाता, तब तक प्रतियोगी छात्रों का भविष्य इसी तरह दांव पर लगा रहेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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