सोनभद्र मेडिकल कॉलेज के L-2 और L-3 अस्पताल की बदहाली पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज से जुड़े L-2 और L-3 अस्पताल की बदहाली पर भाजपा नेता अनिल द्विवेदी ने सवाल उठाए और डिप्टी सीएम से जांच की मांग की।

तस्वीर में भाजपा नेता अनिल द्विवेदी उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध L-2 और L-3 अस्पताल (लोढ़ी) की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं वरिष्ठ नेता अनिल द्विवेदी ने सवाल उठाए हैं। अनिल द्विवेदी ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर अस्पताल की खस्ता हालत से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर पत्र सौंपा। सोनभद्र जिला अस्पताल में पहले भी जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर समस्याएं सामने आ चुकी हैं।
अनिल द्विवेदी ने उपमुख्यमंत्री को दिए पत्र में कहा कि जिला संयुक्त चिकित्सालय की स्थिति बेहद खराब है, जिससे प्रतिदिन हजारों मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और भाजपा सरकार की छवि खराब हो रही है।
उन्होंने करोड़ों की लागत से बनी L-3 बिल्डिंग का मुद्दा उठाते हुए बताया कि बिल्डिंग को बने 3-4 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक वहां बेड और OT शुरू नहीं हो सके हैं। उनके अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह बिल्डिंग शोपीस बनी हुई है।
अनिल द्विवेदी ने L-2 वार्ड में AC खराब होने का भी मुद्दा उठाया। पत्र के मुताबिक L-2 वार्ड की यह बुनियादी सुविधा पिछले 5-6 महीने से खराब है और इसका AMC तक नहीं हुआ है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के संचालन को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बकाया भुगतान न होने के कारण गरीब मरीजों का इलाज बंद पड़ा है। इसके अलावा जनरेटर खराब होने, ऑटो मोड पर नहीं होने, मरीजों और डॉक्टरों के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं होने तथा SMC कंपनी की लापरवाही के कारण बेड, लाइट और साफ-सफाई की व्यवस्था बदहाल होने की बात पत्र में कही गई है।
अस्पताल में निम्न गुणवत्ता का सामान खरीदे जाने का आरोप भी अनिल द्विवेदी ने लगाया है। उन्होंने एक्स-रे सुविधा न होने और खून की जांच की रिपोर्ट बार-बार गलत आने का भी मुद्दा उठाया।
अनिल द्विवेदी के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्र में उठाए गए सभी बिंदुओं पर उच्चस्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए इन सवालों के बाद अब जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर नजर रहेगी।

Santosh Giri
नाम: संतोष देव गिरि
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार
कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश
अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)
बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय
परिचय
संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:
- दैनिक जागरण
- हिंदुस्तान
- राष्ट्रीय सहारा
- सहारा समय
- दैनिक मान्यवर
- दैनिक भास्कर
- चौथी दुनिया
- हमवतन
- लोकमत
शैक्षणिक योग्यता
स्नातक (Graduate)
