सिरसा: रकम दोगुनी करने और खजाना निकालने के नाम पर 22 लाख की ठगी
तांत्रिक ने खेत में गड़ा धन निकालने और पैसे दो गुने करने का झांसा देकर किसान से जेवर और जमा-पूंजी समेत 22 लाख रुपये हड़पे; पुलिस जांच शुरू।

तस्वीर में चश्मा पहने व्यक्ति, तांत्रिक सामग्री और खेत में काम करता व्यक्ति दिख रहा है।
सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले में अंधविश्वास और तांत्रिक विद्या के नाम पर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक शातिर ठग ने खुद को सिद्ध तांत्रिक बताकर एक किसान को रकम दोगुनी करने और उसके खेत में दबा खजाना निकालने का झांसा दिया। आरोपी ने किसान से टुकड़ों-टुकड़ों में कुल 22 लाख रुपये हड़प लिए। ठगी के जाल में फंसे किसान ने अपनी जमा-पूंजी गंवाने के साथ पत्नी के सोने-चांदी के जेवर भी बेच दिए और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर आरोपी को रकम दी।
पीड़ित किसान के अनुसार, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी। आरोपी ने खुद को बड़ा तांत्रिक और सिद्ध पुरुष बताते हुए दावा किया कि वह पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के जरिए पैसों को दो गुना कर सकता है। किसान को विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने यह भी कहा कि उसके खेत में भारी मात्रा में धन और सोने के आभूषण दबे हुए हैं। उसने दावा किया कि इन्हें बाहर निकालने के लिए विशेष अनुष्ठान और पूजा करनी होगी।
आरोपी के झांसे में आने के बाद किसान उसके कहे अनुसार पैसे देता चला गया। जब उसकी जमा-पूंजी खत्म हो गई तो आरोपी ने अनुष्ठान अधूरा रहने का डर दिखाकर उससे और पैसों की मांग की। तांत्रिक के डर और रकम दोगुनी होने के लालच के बीच किसान ने अपनी पत्नी के सोने-चांदी के गहने बेच दिए। इसके अलावा उसने कुछ रिश्तेदारों से भी कर्ज लिया। इस तरह किसान ने अलग-अलग समय पर आरोपी को कुल 22 लाख रुपये सौंप दिए।
काफी समय बीतने के बाद भी जब खेत में कई जगह खुदाई कराने के बावजूद कोई खजाना नहीं मिला और न ही किसान की रकम दोगुनी हुई, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। किसान ने जब आरोपी से अपने 22 लाख रुपये वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा। आरोप है कि बाद में आरोपी ने किसान को जान से मारने की धमकी भी दी।
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित किसान ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर ठगे गए रुपयों की बरामदगी की जाएगी।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
