सिकंदराबाद तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप, भाकियू महाशक्ति का अल्टीमेटम; 7 दिन में समाधान नहीं तो धरना
सिकंदराबाद तहसील में कथित भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू महाशक्ति ने एसडीएम को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। सुषमा की जमीन का दाखिल-खारिज, लेखपाल पर रिश्वत के आरोप और सात दिन के अल्टीमेटम के बाद आंदोलन की चेतावनी दी गई।

सिकंदराबाद तहसील में कथित भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि सात दिन के भीतर गांव वैर बादशाहपुर निवासी पीड़ित महिला सुषमा की भूमि का दाखिल-खारिज नहीं हुआ और ज्ञापन में उठाए गए अन्य मुद्दों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के जिलाध्यक्ष जगवीर भाटी ने सिकंदराबाद तहसील में किसानों को अपने जायज काम कराने में परेशानी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तहसील कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है, जिसके कारण गरीब किसान और महिलाएं सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जगवीर भाटी ने गांव वैर बादशाहपुर निवासी सुषमा की भूमि के दाखिल-खारिज का मामला उठाते हुए बताया कि महिला ने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि संबंधित लेखपाल द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। जिलाध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग की।
ज्ञापन में दीपावली से पहले मिठाइयों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है। जगवीर भाटी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक कार्यालयों में भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र में खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराने और ग्रामीण इलाकों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलवाने की मांग की। साथ ही रात के समय चोरी और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
किसान यूनियन ने क्षेत्र में आवारा पशुओं और बंदरों की बढ़ती समस्या का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि वन विभाग के सहयोग से आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भिजवाया जाए और बंदरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीणों को इन समस्याओं से राहत मिल सके।
जिलाध्यक्ष जगवीर भाटी ने तहसील प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों, गरीबों और महिलाओं की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात दिन के भीतर सुषमा की भूमि का दाखिल-खारिज नहीं होने और ज्ञापन में उठाई गई अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होने की बात कही।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, पीड़ित परिवार और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। अब सात दिन की समयसीमा में भूमि के दाखिल-खारिज समेत उठाई गई समस्याओं पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

अनूप शर्मा
नाम: अनूप शर्मा
पद: स्टाफ रिपोर्टर (Staff Reporter)
कार्यक्षेत्र: खुर्जा एवं आसपास का क्षेत्र (उत्तर प्रदेश)
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परिचय: अनूप शर्मा एक सक्रिय पत्रकार एवं लेखक हैं। वह जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय समाचारों और सामाजिक विषयों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने रखते हैं। वर्तमान में वह खुर्जा और आसपास के क्षेत्र से समाचारों का संकलन एवं प्रकाशन करते हैं। निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों के साथ जमीनी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य पहचान है।
पत्रकारिता का अनुभव: अनूप शर्मा को मीडिया और प्रिंट प्रकाशन में कार्य करने का अच्छा अनुभव है: UP Police Monitor Magazine: पिछले 4 वर्षों से मासिक पत्रिका में स्टाफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत। The हिंद न्यूज 24: वर्ष 2026 की शुरुआत से रिपोर्टर के पद पर कार्यरत। प्रातःकाल: सितंबर 2026 से निरंतर जुड़े हुए हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)वाणिज्य में स्नातकोत्तर (M.Com)
