गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा: शंकराचार्य ने लखनऊ में आंदोलन की दी चेतावनी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 22 जुलाई तक मांग पूरी न होने पर लखनऊ में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है, भाजपा की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल।

अलीगंज में गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग रखते हुए।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में अपनी गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि यदि 22 जुलाई तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया गया, तो 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे लखनऊ के मान्यवर कांशीराम मैदान में अगले चरण के व्यापक आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा।
अलीगंज आगमन पर शंकराचार्य का एटा रोड स्थित चौधरी मुख्तियार सिंह स्कूल के निकट समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष गौरव यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए शंकराचार्य ने बताया कि गौ माता की प्राण और प्रतिष्ठा की रक्षा हेतु यह धर्मयुद्ध यात्रा 3 मई को गोरखपुर से प्रारंभ की गई थी, जिसका लक्ष्य उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों में जनचेतना जागृत करना है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा अब तक प्रदेश के पौने 200 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से गुजर चुकी है।
भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर सत्तासीन दल गौ माता के ज्वलंत मुद्दों पर मौन साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ संरक्षण का दावा करने वाले सत्ताधारी लोग आज गौवंश की वास्तविक समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में उन्होंने प्रश्न उठाए कि राम जन्मभूमि आंदोलन में शंकराचार्यों की अग्रणी भूमिका के बावजूद उन्हें मंदिर ट्रस्ट में स्थान नहीं दिया गया। साथ ही, उन्होंने ट्रस्ट द्वारा की गई भूमि खरीद-फरोख्त के मामलों में पारदर्शिता की कमी पर सवाल खड़े किए। प्रयागराज की हालिया घटना पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से स्पष्ट इनकार कर दिया।
शंकराचार्य ने इस यात्रा को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ माता का विषय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संपूर्ण समाज का है। यादव समाज की सक्रिय भागीदारी और मुस्लिम समुदाय से भी मिल रहे समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सामाजिक आंदोलन बताया। अलीगंज में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकिशोर यादव के कार्यालय और सपा नेता मुकेश यादव उर्फ मुक्का के आवास पर आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रमों में गौरव यादव, रिंकू यादव, आयुष्मान यादव, योगेश यादव और रोमियो गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी व समर्थक उपस्थित रहे। 22 जुलाई को गोरखपुर में यात्रा के समापन और तदुपरांत लखनऊ के प्रस्तावित आंदोलन के साथ ही गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की यह मुहिम अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

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