मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव में गुरुवार शाम वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची शामली कोतवाली पुलिस की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस की निजी कार को घेरकर हंगामा किया और हिरासत में लिए जा चुके आरोपी मोहम्मद मुजफ्फर को जबरन छुड़ाकर भगा दिया। चोरी, लूट समेत कई संगीन मामलों में वांछित आरोपी को छुड़ाने की इस घटना का वीडियो शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शामली कोतवाली में चोरी, लूट समेत कई संगीन मामलों में वांछित मोहम्मद मुजफ्फर की सटीक लोकेशन मिलने के बाद शामली पुलिस की टीम गुरुवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच मुजफ्फरनगर के पलड़ी गांव पहुंची थी। स्थानीय शाहपुर थाना पुलिस की मौजूदगी में टीम ने रणनीतिक तरीके से दबिश दी और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने मोहम्मद मुजफ्फर को हिरासत में लेकर अपनी निजी कार में बैठा भी लिया था।

इसी बीच, आरोपी की गिरफ्तारी की खबर गांव में फैल गई और देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उग्र भीड़ ने पुलिस की कार को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिसकर्मियों के साथ विरोध शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, ग्रामीणों ने पुलिस टीम की बात नहीं मानी और पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक करते हुए अभद्रता की। पुलिस बल की संख्या कम होने का फायदा उठाकर उपद्रवियों ने कार का दरवाजा खोला और हिरासत में बैठे मोहम्मद मुजफ्फर को खींचकर बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे मौके से भगा दिया गया। अचानक हुए घटनाक्रम के कारण पुलिस टीम को कार्रवाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और आरोपी देखते ही देखते फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद शाहपुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया, लेकिन तब तक आरोपी वहां से निकल चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहपुर थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात ही गांव में छापेमारी की और कई संदिग्ध ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया।

शाहपुर पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम के साथ अभद्रता करने और हिरासत से आरोपी को छुड़ाने में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर नामजद आरोपियों की सूची तैयार की जा रही है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर हमला करने और वांछित आरोपी को भगाने के आरोप में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार मोहम्मद मुजफ्फर के साथ ही घटना में शामिल सभी ग्रामीणों को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पलड़ी गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस हिरासत से आरोपी को छुड़ाने और पुलिस टीम के काम में बाधा डालने के मामले की जांच तेज कर दी गई है। अब वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर पुलिस का जोर है।

Om Prakash Pal

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नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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