उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। बिछौली गांव में सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध रूप से निर्मित ईदगाह और इमामबाड़ा को बुलडोजरों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में की गई, जिससे मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित बनी रही।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा अभियान राजस्व विभाग की ओर से चलाया गया, जिसमें प्रशासन ने संबंधित भूमि को सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में दर्ज बताया। अधिकारियों के मुताबिक, प्लॉट संख्या 1240 और 1242 को राजस्व अभिलेखों में चरागाह भूमि और गोबर-गड्ढे (मैन्योर पिट) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाता है।



उप-जिलाधिकारी निधि पटेल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद विधिवत कार्यवाही शुरू की गई और सुनवाई के पश्चात बेदखली के आदेश जारी किए गए। आदेशों के अनुपालन में राजस्व और पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की।

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और किसी भी संभावित तनाव से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। बुलडोजरों की सहायता से किए गए इस अभियान में ईदगाह और इमामबाड़ा को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि मामला धार्मिक संरचनाओं से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने और राजस्व रिकॉर्ड को बहाल करने की व्यापक नीति का हिस्सा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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