एटा में सांसद देवेश शाक्य का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- "अभी तो प्रधान झुके हैं, हठधर्मी रहे तो प्रधानमंत्री भी झुकेंगे"
एटा में संविधान स्थापना स्तंभ दिवस कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद देवेश शाक्य ने भाजपा सरकार, जंतर-मंतर लाठीचार्ज, राममंदिर चंदा प्रकरण, 2027 विधानसभा चुनाव, ओवैसी और ओमप्रकाश राजभर के बयानों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। साथ ही एटा के विकास और रेलवे परियोजना को लेकर भी बड़ा दावा किया।

तस्वीर में समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य एटा में कार्यकर्ताओं और दिव्यांगजनों के बीच बैठकर माइक से संवाद करते हुए नजर आ रहे हैं।
एटा में संविधान स्थापना स्तंभ दिवस के अवसर पर रविवार को समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। जनेश्वर मिश्र सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर चलने का आह्वान किया और लोगों से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
कार्यक्रम के बाद सांसद देवेश शाक्य एटा में दिव्यांगजनों के धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने धरनारत दिव्यांगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और समस्याओं को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने राष्ट्रीय और प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और कार्रवाई को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहा था, लेकिन उसके साथ बर्बरता की गई।
सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों को पीटा गया, छात्राओं के साथ अभद्रता हुई और मानवता को शर्मसार करने वाले दृश्य देखने को मिले। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी करीब ढाई घंटे तक हिरासत में रहे। इसी दौरान उन्होंने कहा, "युवाओं के आगे सभी को झुकना पड़ता है। अभी तो प्रधान झुके हैं, अगर हठधर्मी रहे तो प्रधानमंत्री को भी झुकना पड़ेगा।"
राममंदिर चंदा चोरी प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में सांसद देवेश शाक्य ने कहा कि जब मंदिर की आधारशिला रखी गई, भूमि पूजन हुआ और बाद में कथित चंदा चोरी की घटना हुई, तब भी प्रधानमंत्री पद पर वही व्यक्ति थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है।
जब उनसे पूछा गया कि इस कथित चंदा चोरी के पीछे कौन है, तो उन्होंने सीधे नाम लेने से बचते हुए कहा, "हमें इतना पता है कि मकान किसने बनाया, शिलान्यास किसने किया और जब चंदा चोरी हुई तो चाबी किसके पास थी।"
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सांसद ने दावा किया कि जनता भाजपा सरकार से परेशान है और आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
मुरादाबाद में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि उन्हें ओवैसी के बयानों पर कुछ कहना उचित नहीं लगता। उन्होंने कहा, "वह हैदराबाद से आए हैं और हैदराबाद ही वापस चले जाएंगे।"
वहीं, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर द्वारा अखिलेश यादव पर की जा रही लगातार टिप्पणियों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "उन्हें खुद नहीं पता रहता कि सुबह कहां हैं और शाम को कहां। ऐसे व्यक्ति के बारे में क्या कहा जाए।"
अपने संसदीय क्षेत्र में कम दिखाई देने के सवाल पर सांसद ने कहा कि उनसे पहले रहे विपक्ष के सांसदों से भी यह सवाल पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में एटा के विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं और इसकी जानकारी संसद के पोर्टल पर उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि मानसून सत्र में उनके चार प्रश्न सूचीबद्ध हुए थे, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित रहने के कारण उन पर चर्चा नहीं हो सकी।
सांसद ने कहा कि एटा की सबसे बड़ी समस्या रेलवे लाइन विस्तार की थी, जिसके लिए धन आवंटित हो चुका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
अंत में सांसद देवेश शाक्य ने कहा कि हालिया छात्र आंदोलन और उसके बाद बने हालात से भाजपा सरकार बैकफुट पर आई है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रही है।

