नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और अवैध ई-टिकट बिक्री का भंडाफोड़ किया है। सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के गांव बाबेल बुजुर्ग में आरपीएफ की विशेष टीम ने छापा मारकर निजी आईडी के जरिए व्यावसायिक लाभ के लिए रेलवे ई-टिकट बनाने और उन्हें अधिक कीमत पर बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। मौके से करीब ₹44,000 कीमत के 13 आरक्षित ई-टिकट बरामद किए गए हैं।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि अंबाला मंडल कार्यालय से मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बाबेल बुजुर्ग में छापेमारी की। सूचना थी कि निजी यूजर आईडी का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक लाभ के लिए रेलवे के ई-टिकट बनाए जा रहे हैं।

गुप्त सूचना के बाद आरपीएफ के उप निरीक्षक दीपक प्रताप शर्मा ने टीम के साथ बाबेल बुजुर्ग गांव में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान आरोपी को मौके से दबोच लिया गया। उसके कब्जे से करीब ₹44,000 की कीमत के 13 आरक्षित ई-टिकट बरामद हुए। खास बात यह सामने आई कि ये सभी ई-टिकट छत्तीसगढ़ के रायपुर क्षेत्र के यात्रियों के लिए बनाए गए थे।

छापेमारी के दौरान आरपीएफ ने आरोपी के पास से 12 पास्ट जर्नी यानी पूर्व में तय की जा चुकी यात्राओं के ई-टिकट और 1 लाइव ई-टिकट बरामद किया। टिकट बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल फोन भी आरपीएफ ने कब्जे में ले लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी रेलवे के नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी निजी आईआरसीटीसी यूजर आईडी से टिकट बुक कर ग्राहकों को अधिक दाम पर बेच रहा था।

आरपीएफ ने आरोपी के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। इसके लिए उसके बैंक खातों का विवरण और बैंक स्टेटमेंट मंगवाया जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध धंधे से अब तक कितनी धनराशि अर्जित की गई है और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं।

आरपीएफ के जांच अधिकारी ने बताया कि सभी टिकट छत्तीसगढ़ के रायपुर रूट के पाए गए हैं। अब आरपीएफ इन टिकटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों से संपर्क कर उनके बयान दर्ज करेगी। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आरोपी प्रति टिकट कितना अतिरिक्त कमीशन वसूल रहा था।

मामले में आरोपी द्वारा अपनी निजी आईडी से ई-टिकट बनाकर अवैध मुनाफा कमाने की बात सामने आई है। उसके पास से बरामद मोबाइल और टिकटों को जब्त कर लिया गया है। अवैध रूप से अर्जित धनराशि का पता लगाने के लिए बैंक खातों की जांच की जा रही है। मामले की विस्तृत छानबीन जारी है।

Om Prakash Pal

Om Prakash Pal

नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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