गोंडा मेडिकल कॉलेज के वार्ड में चूहों का आतंक: मरीजों की जान से खिलवाड़, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल
गोंडा मेडिकल कॉलेज के वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप। डीएम प्रियंका निरंजन ने प्रिंसिपल को लगाई फटकार। 2024 में खुले इस अस्पताल में संक्रमण और आग का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला और प्रिंसिपल ने अपनी सफाई में क्या कहा।

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (Autonomous State Medical College) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज और जीवन की आस लेकर आए मरीजों के बिस्तरों पर चूहों की फौज दौड़ लगा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की कलई खोलकर रख दी है, जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
मरीजों के सिरहाने दौड़ते संक्रमण के वाहक
सामने आया वीडियो महज दो दिन पुराना बताया जा रहा है। दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे चूहे वार्ड के अंदर मरीजों के बिस्तरों के नीचे, ऑक्सीजन पाइपलाइनों के पास और दीवारों के किनारों पर बेखौफ घूम रहे हैं। यह स्थिति न केवल अस्पताल की साफ-सफाई के दावों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि वहां भर्ती मरीजों के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, चूहों की ऐसी मौजूदगी से 'रैट-बाइट फीवर' (Rat-bite fever) और लेप्टोस्पायरोसिस जैसे जानलेवा संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, चूहों द्वारा बिजली के तारों और ऑक्सीजन पाइपों को कुतरने से अस्पताल में आग लगने या बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पत्रकार के ट्वीट के बाद जागा प्रशासन
इस गंभीर लापरवाही को वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद जुबैर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उजागर किया। वीडियो के वायरल होते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) प्रियंका निरंजन ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से स्थिति को सुधारने के निर्देश दिए।
कार्रवाई और प्रिंसिपल की सफाई
डीएम के कड़े रुख के बाद अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की। इस मामले में प्रिंसिपल डॉ. कोटास्थाने का बयान भी सामने आया है:
- पेस्ट कंट्रोल: उन्होंने पुष्टि की है कि वार्ड में कीटनाशक का छिड़काव (Pest Control) करवा दिया गया है, जिससे चूहों की समस्या को नियंत्रित कर लिया गया है।
- तीमारदारों पर दोष: अपनी सफाई में डॉ. कोटास्थाने ने इसका ठीकरा मरीजों के परिजनों पर फोड़ते हुए कहा कि तीमारदारों द्वारा वार्ड में छोड़े गए खाने के कारण चूहे आकर्षित होते हैं।
- जांच का आश्वासन: उन्होंने भविष्य में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक जांच समिति गठित करने और कड़े कदम उठाने का वादा किया है।
2024 में हुआ था उद्घाटन: रखरखाव पर सवाल
गौरतलब है कि गोंडा के इस मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन वर्ष 2024 में ही हुआ था। इतनी नई और आधुनिक इमारत में चूहों का इस कदर पैर पसारना निर्माण गुणवत्ता और नियमित रखरखाव (Maintenance) पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई भले ही अभी के लिए राहत लेकर आई हो, लेकिन मरीजों की सुरक्षा के लिए यह घटना एक बड़ा सबक है कि स्वास्थ्य मंदिरों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
