Ram Mandir Dhwajarohan 2025 : ऐतिहासिक क्षण तब आया जब अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़कर भगवान राम को प्रणाम किया और इसे भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। वैदिक मंत्रोच्चार और अभिजीत मुहूर्त में किए गए इस ध्वजारोहण ने रामनगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह क्षण सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार रूप है। "सदियों की वेदना आज विराम पा रही है, सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। यह धर्म ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है," उन्होंने कहा।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने धर्म ध्वज के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, ओम शब्द और वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करते हैं। यह ध्वज केवल मंदिर का प्रतीक नहीं, बल्कि दूर-दूर तक रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराता है और युगों तक श्रीराम के संदेश को मानवता तक पहुंचाता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले सभी दानवीरों, श्रमवीरों, योजनाकारों और वास्तुकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का प्रांगण भारत की सामूहिक शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक बन रहा है। मंदिर परिसर में निषाद राज, माता सबरी, महर्षि वशिष्ठ, माता अहल्या, महर्षि अगस्त्य, संत तुलसीदास और महर्षि विश्वामित्र की सप्तस्थली के साथ जटायू जी और गिलहरी की मूर्तियां भी स्थापित हैं, जो छोटे प्रयासों की महत्ता को दर्शाती हैं।

पीएम मोदी ने समाज के सभी वर्गोंकी महिला, दलित, युवा और वंचित को विकास के केंद्र में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब हर वर्ग सशक्त होगा और सभी का योगदान संकल्प की सिद्धि में जुड़ जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आज का यह अवसर केवल धार्मिक या ऐतिहासिक नहीं है, बल्कि मानसिक गुलामी से मुक्ति का संदेश भी देता है। उन्होंने मैकाले के समय से चली आ रही मानसिक गुलामी और विदेशी प्रेरणा के प्रभाव पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को अपनी अस्मिता और विरासत पर गर्व करने की आवश्यकता है।

अयोध्या में धर्म ध्वज का यह प्रतिष्ठित क्षण न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह भारतीय सभ्यता की शक्ति, सामूहिक संकल्प और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक भी बन गया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story