बरसात से पहले स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी, डायरिया से बचाव को ओआरएस-जिंक पर जोर
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण मीणा ने मानसून से पहले स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, ओआरएस और जिंक के उपयोग को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी।

बरसात का मौसम नजदीक आते ही स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया के बढ़ते खतरे को लेकर आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण मीणा ने क्षेत्रवासियों से स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति विशेष सावधानी बरतने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते मौसम में दूषित पानी और भोजन के सेवन से बच्चों में डायरिया के मामलों में वृद्धि होने की आशंका रहती है।
डॉ. मीणा ने बताया कि डायरिया होने पर शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी हो जाती है, जिससे स्थिति गंभीर भी हो सकती है। ऐसे में ओआरएस घोल और जिंक की गोली सबसे प्रभावी उपचार साबित होते हैं। ओआरएस शरीर में पानी एवं खनिज तत्वों की कमी को पूरा करता है, जबकि जिंक बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत बनाकर बीमारी की अवधि को कम करने में मदद करता है।
उन्होंने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना, केवल साफ एवं उबला हुआ अथवा क्लोरीनयुक्त पानी पीना तथा बच्चों की विशेष देखभाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिशुओं को छह माह तक केवल स्तनपान कराया जाना चाहिए और विटामिन-ए की खुराक भी समय पर दिलानी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों का रोटावायरस और खसरा टीकाकरण समय पर करवाना भी डायरिया की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बीसीएमओ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों में बार-बार दस्त, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा आशा कार्यकर्ता से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां निःशुल्क उपलब्ध हैं।
डॉ. अरुण मीणा ने “समय पर देखभाल, डायरिया पर प्रभावी वार” का संदेश देते हुए आमजन से बरसात के मौसम में सतर्क एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और सावधानी अपनाकर डायरिया के खतरे को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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