रायबरेली में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 107 कार्ड बरामद
रायबरेली पुलिस ने मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 107 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। क्या आप जानते हैं ये शातिर कैसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे? पूरी खबर पढ़ें।

रायबरेली पुलिस स्टेशन के बाहर मेज पर बरामद एटीएम कार्ड के साथ पकड़े गए दो संदिग्ध और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी।
रायबरेली में अगर आप एटीएम बूथ पर किसी अनजान व्यक्ति से मदद लेते हैं, तो सावधान हो जाइए। रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर 'मददगार' गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम बूथों पर घात लगाकर बैठता था और मदद के बहाने पलक झपकते ही कार्ड पार कर देता था। कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर डबल फाटक के पास से दो अंतर्जनपदीय शातिर ठगों को दबोचा है। पुलिस की इस कार्रवाई में जो बरामदगी हुई है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। पकड़े गए शातिरों के पास से पुलिस ने अलग-अलग बैंकों के कुल 107 एटीएम कार्ड, 5000 रुपये नकद और बिना नंबर प्लेट की एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।
मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी आशीष निगम ने बताया कि बीते 2 जुलाई को गल्ला मंडी रतापुर रोड स्थित एसबीआई एटीएम में ग्राम कल्लू का पुरवा निवासी राकेश कुमार गुप्ता के साथ धोखाधड़ी हुई थी। एक अज्ञात युवक ने मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और पिन नंबर देख लिया। इसके बाद शातिरों ने उनके खाते से चार बार में 20,000 रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शनिवार को शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दोनों बदमाशों को धर दबोचा। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान सूरज सिंह निवासी पूराचांद, उन्नाव और सौरभ सिंह निवासी पैतापुर, हरदोई के रूप में हुई है।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे ऐसे एटीएम बूथों को चुनते थे जहां भीड़ कम हो या कोई बुजुर्ग अथवा अनपढ़ व्यक्ति पैसे निकालने आया हो। मदद करने के बहाने वे चुपके से पिन नंबर देख लेते थे और हाथ की सफाई दिखाते हुए असली कार्ड की जगह अपने पास मौजूद दूसरा फर्जी कार्ड थमा देते थे। इसके बाद वे एटीएम से पैसे निकाल लेते या शॉपिंग कर डालते थे।
सीओ सिटी आशीष निगम ने बताया कि मुख्य आरोपी सूरज सिंह कोई मामूली चोर नहीं, बल्कि पेशेवर हिस्ट्रीशीटर है। सूरज सिंह के खिलाफ रायबरेली, लखनऊ, कानपुर, सीतापुर और उन्नाव जैसे कई जिलों में गैंगस्टर एक्ट, जानलेवा हमला और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में 13 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर सिंह, उ.नि. शशिकांत राय, कांस्टेबल हिमांशु सिंह, कौशल किशोर, तरुण सिंह, अमन सिंह और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

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