लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए मंगलवार को कैबिनेट ने दो बड़े फैसले किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि दैनिक ड्यूटी भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी से पूरे 30 दिन ड्यूटी करने वाले पीआरडी स्वयंसेवक के मानदेय में हर महीने 3,000 रुपये तक की वृद्धि होगी। इस निर्णय से राज्य के 27,794 सक्रिय पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

दैनिक ड्यूटी भत्ता बढ़ाने से राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इसके बाद पीआरडी जवानों के मानदेय पर कुल वार्षिक व्यय बढ़कर लगभग 6.08 अरब रुपये हो जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के बजट प्रावधान के लिए अनुपूरक अनुदान से 45 करोड़ रुपये की तत्काल व्यवस्था की गई है।

दैनिक भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन किए जाने से पूरे 30 दिन ड्यूटी करने वाले स्वयंसेवक को मानदेय में प्रतिमाह 3,000 रुपये तक का सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले से 27,794 जवान मानदेय वृद्धि से लाभान्वित होंगे, जबकि कैशलेस इलाज योजना का लाभ 31,130 पंजीकृत पीआरडी जवानों और उनके आश्रित परिजनों को मिलेगा।

पीआरडी जवानों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ को भी मंजूरी दी है। योजना के तहत विभाग में पंजीकृत 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिजनों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार प्रति स्वयंसेवक 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करेगी। इस योजना पर सरकार का सालाना करीब 9.34 करोड़ रुपये खर्च होगा। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक अनुदान से 5 करोड़ रुपये का प्रावधान तत्काल किया गया है।

यह योजना स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से संचालित की जाएगी। जवानों और उनके परिजनों को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उनकी सेवा अवधि के दौरान ही मिलेगा।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे पीआरडी स्वयंसेवक अथवा उनके परिजन, जो पहले से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना से जुड़े हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा।

कैबिनेट के इन दोनों निर्णयों से एक ओर 27,794 सक्रिय पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हुआ है, वहीं 31,130 पंजीकृत स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिजनों के लिए सेवा अवधि तक कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रावधान किया गया है।

Om Prakash Pal

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नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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