प्रयागराज में प्लेन क्रैश, हजारों फीट ऊपर फ़ेल हुआ इंजन, नीचे गिरता वायुसेना का विमान देख थम गईं लोगों की सांसें।
प्रयागराज के रामबाग इलाके में बुधवार को भारतीय वायुसेना के एक विमान की इमरजेंसी क्रैश लैंडिंग हुई। उड़ान के दौरान इंजन फेल होने के बाद पैराशूट की मदद से विमान को उतारा गया, जिससे बम्हरौली स्टेशन के दो वरिष्ठ अधिकारी बाल-बाल बचे। यह जनवरी माह का दूसरा विमान हादसा है; इससे पहले 10 जनवरी को राउरकेला में भी एक यात्री विमान की खेत में लैंडिंग हुई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब भारतीय वायुसेना का एक विमान अनियंत्रित होकर शहर के रामबाग इलाके के पास आ गिरा। बम्हरौली एयरफोर्स स्टेशन से जुड़े इस विमान ने उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग (Crash Landing) की। गनीमत यह रही कि विमान में लगे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और पैराशूट सिस्टम की बदौलत एक भीषण दुर्घटना टल गई और विमान में सवार दोनों वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षित बच गए।
आसमान में इंजन फेल, पैराशूट बना जीवनरक्षक
घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की है। यह विमान मुख्य रूप से बम्हरौली एयरफोर्स स्टेशन के आसपास पक्षियों की गतिविधि (Bird Activity) की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। उड़ान के दौरान अचानक विमान का इंजन फेल हो गया, जिससे वह तेजी से नीचे आने लगा। इस आपात स्थिति में विमान का इमरजेंसी पैराशूट तैनात (Deploy) हो गया, जिससे विमान की गिरने की गति धीमी हो गई और एक भयावह क्रैश होने से बच गया।
बाल-बाल बचे वायुसेना के दो वरिष्ठ अधिकारी
इस विमान का संचालन भारतीय वायुसेना के दो अत्यधिक अनुभवी अधिकारी कर रहे थे:
- ग्रुप कैप्टन प्रवीण अग्रवाल (वायुसेना मेडल): जो बम्हरौली एयरफोर्स स्टेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) हैं।
- ग्रुप कैप्टन सुनील कुमार पांडे: जो इसी स्टेशन के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (CAO) हैं।
राहत की बात यह है कि दोनों अधिकारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है। रक्षा पीआरओ विंग कमांडर देबार्थो धर ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए पुष्टि की, "यह एक प्रशिक्षु विमान की नियमित सोर्टी (Routine Sortie) थी। पायलट और सवार दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।"
जनवरी माह में दूसरी बड़ी विमानन आपात स्थिति
विमानन सुरक्षा के लिहाज से यह महीना चुनौतीपूर्ण रहा है। प्रयागराज की घटना से पहले, इसी महीने 10 जनवरी को भी एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था:
- राउरकेला घटना: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) के तहत संचालित 'इंडियावन एयर' (IndiaOne Air) के सेसना ग्रैंड कारवां विमान (IOA-102) को उड़ान के बीच में तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा था।
- क्या हुआ था: भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहे इस 9-सीटर विमान ने 'मेडे' (Mayday) का संकेत दिया और राउरकेला हवाई अड्डे से 15-20 किमी पहले कंसोर के पास एक खेत में 'बेली लैंडिंग' (Belly Landing) की। उस घटना में भी सभी 6 लोग (4 यात्री और 2 क्रू) बाल-बाल बचे थे, हालांकि एक पायलट को चोटें आई थीं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने उस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
प्रयागराज के घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों की सांसें थाम दी थीं। हालांकि, इमरजेंसी प्रोटोकॉल के सही पालन और पैराशूट तकनीक की सफलता ने आज एक बड़े जान-माल के नुकसान को होने से रोक लिया। वायुसेना के अधिकारियों का सुरक्षित होना निस्संदेह राहत की खबर है, लेकिन एक ही महीने में दो अलग-अलग विमानन आपात स्थितियों ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
