कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठंडे पानी के लिए आरओ सिस्टम न होने के कारण केंद्र में पेयजल व्यवस्था लंबे समय से ठप पड़ी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पीएचसी परिसर में अब तक शुद्ध पेयजल के लिए कोई आरओ मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके चलते मरीज व तीमारदार मजबूरी में हैंडपंप का पानी पी रहे हैं। यह हैंडपंप भी अब खराब हो चुका है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जो पानी उपलब्ध है, वह दूषित है और मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है।

कस्बे के बीचों-बीच स्थित इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कस्बे समेत आसपास के कई गांवों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन भीषण गर्मी के बीच पेयजल की अनुपलब्धता ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि मरीज और उनके तीमारदार पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं तथा कई लोग मजबूरी में बाहर की दुकानों से पानी खरीदकर पी रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस गंभीर समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान नहीं है और वे पेयजल व्यवस्था के प्रति पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।

पीएचसी पर उपचार के लिए क्षेत्र के जिन्हेंरा, बड़ोली, गोबरा, श्याम पुर, नगला चोइया, खोज पुर, लोधामयी, इनामनागर कुटेना, फरीद पुर, सोनोट, फालर सहित अन्य गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन पेयजल संकट के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Pratahkal Bureau

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