बदमाश नहीं, 'बदमाशों का देवता' बनना है... मुजफ्फरनगर में व्यापारियों से रंगदारी मांग रहा 'Don' अब अस्पताल के बेड पर
मुजफ्फरनगर में 'बदमाशों का देवता' बनने का सपना देखने वाले अपराधी प्रताप चौधरी का पुलिस ने एनकाउंटर के बाद घमंड तोड़ दिया। दवा व्यापारी से 10 लाख की रंगदारी मांगने और हत्या की साजिश रचने वाले इस बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। अनिल दुजाना गैंग से जुड़े इस अपराधी के सोशल मीडिया के रील और दहशत का अंत अब सलाखों के पीछे हो चुका है। जानिए मुजफ्फरनगर एनकाउंटर की पूरी कहानी।

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का खौफ किस कदर हावी है, इसकी एक बानगी मुजफ्फरनगर जनपद में देखने को मिली है। खुद को 'बदमाशों का देवता' बताने वाले और सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर दहशत फैलाने वाले शातिर अपराधी प्रताप चौधरी का घमंड पुलिस की गोली ने चकनाचूर कर दिया। एक सनसनीखेज मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने इस इनामी बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह वही अपराधी है जो दिवंगत कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के नाम का सहारा लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना खौफ कायम करना चाहता था।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब मंसूरपुर और नई मंडी थाना पुलिस को एक सूचना मिली कि क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित दवा व्यापारी से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें मुख्य आरोपी प्रताप चौधरी घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, प्रताप और उसका साथी न केवल व्यापारी से मोटी रकम वसूलना चाहते थे, बल्कि पैसे न मिलने पर उसकी हत्या करने की पूरी योजना बना चुके थे।
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। प्रताप चौधरी डिजिटल दुनिया में अपराध का महिमामंडन करने का शौकीन था। उसने इंस्टाग्राम पर 'बदमाशों का देवता' नाम से एक हैंडल बना रखा था, जहाँ वह शायरी और बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ अपनी वीडियो पोस्ट कर युवाओं को गुमराह करने और व्यापारियों को डराने का काम करता था। वह खुद को अनिल दुजाना गैंग का हिस्सा बताकर अपना 'ब्रांड' खड़ा करने की कोशिश में जुटा था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही वह सोशल मीडिया वाला टशन काफूर हो गया और अस्पताल के बेड पर उसके चेहरे पर कानून का वह डर साफ देखा गया, जिसकी चर्चा आजकल उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में आम है।
इस 'हाफ-एनकाउंटर' के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध हथियार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग रंगदारी मांगने के लिए किया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में किसी भी अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्रवाई ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले 'डिजिटल अपराधियों' के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया है कि रील की दुनिया और हकीकत की दुनिया में जमीन-आसमान का फर्क होता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
