Uttar Pradesh Minimum Wage Hike 2026 : देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को एक हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। नोएडा फेज-2 से शुरू हुई चिंगारी देखते ही देखते सेक्टर 63, 64 और सेक्टर 121 स्थित क्लेओ काउंटी जैसे इलाकों तक फैल गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने न केवल वाहनों में तोड़फोड़ की और आगजनी की, बल्कि पुलिस बल पर जमकर पथराव भी किया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और करोड़ों रुपये की औद्योगिक संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे जनपद में पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी और आरएएफ की कंपनियों को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल नोएडा फेज-2 में कड़ी निगरानी के बीच यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी तनावपूर्ण शांति का संकेत दे रही है।

हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई बेहद सख्त नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में प्रशासन ने अब तक सात प्राथमिकियां दर्ज कर 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस प्रदर्शन के पीछे किसी अज्ञात समूह की गहरी साजिश हो सकती है। जांच के दौरान कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स का पता चला है, जिनका उपयोग क्यूआर कोड के माध्यम से श्रमिकों को जोड़ने और उन्हें पुलिस से भिड़ने के लिए उकसाने हेतु किया जा रहा था। पुलिस इन संदिग्धों की फंडिंग और नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की संभावित साजिशों की भी गहराई से जांच कर रही है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने स्पष्ट किया है कि विपक्षी दलों के कथित अराजक तत्व मजदूरों को अफवाहों के जरिए भड़का रहे हैं, जिसके लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय पैनल गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।

इस भारी हंगामे और उग्र विरोध के बीच राज्य सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21 प्रतिशत की ऐतिहासिक अंतरिम वृद्धि की गई है। नई दरों के तहत अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है, जबकि अर्धकुशल श्रमिकों के लिए यह राशि 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये निर्धारित की गई है। संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, सरकार ने अगले महीने एक वेज बोर्ड गठित करने का भी निर्णय लिया है, जो भविष्य में न्यूनतम वेतन की अनुशंसा करेगा। सरकार का यह कदम उग्र प्रदर्शनकारियों को शांत करने और औद्योगिक शांति बहाल करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कमिश्नरेट नोएडा पुलिस ने आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को घरेलू सहायिकाओं (मेड्स) द्वारा किए गए प्रदर्शन पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि क्लियो काउंटी, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121 और सेक्टर-70 में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ आंदोलन अब पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वर्तमान में स्थिति पूर्णतः शांतिपूर्ण है। पुलिस ने जनसामान्य से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और न ही उन्हें साझा करें। साथ ही, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने चेतावनी दी है कि अराजकता फैलाने या गलत जानकारी प्रसारित करने वाले तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए श्रमिकों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से अन्य प्रदेशों के समान वेतन लागू करने की मांग की। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उच्च स्तरीय बैठक कर स्पष्ट किया कि श्रमिकों का सम्मानजनक मानदेय और सुरक्षित वातावरण सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह पूरा घटनाक्रम न केवल औद्योगिक प्रबंधन और श्रम अधिकारों के बीच के संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आने वाले दिनों में औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और संवाद की रणनीतियों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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