मुजफ्फरनगर: पूर्ति निरीक्षक की तैनाती का विरोध, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
उचित दर विक्रेताओं ने पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर भ्रष्टाचार और राशन वितरण में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुजफ्फरनगर में पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव की तैनाती का विरोध करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय को शिकायती पत्र सौंपते उचित दर विक्रेता।
मुजफ्फरनगर में पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव की तैनाती को लेकर विवाद गहरा गया है। तहसील सदर क्षेत्र में उनकी नियुक्ति की आशंका के बीच उचित दर विक्रेताओं ने जिला पूर्ति अधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर तैनाती का विरोध किया है। राशन विक्रेताओं ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार और राशन वितरण से जुड़ी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जिला और मंडल स्तर पर जांच लंबित है। ऐसे में उन्हें तहसील सदर क्षेत्र में तैनात करने से जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सदर तहसील और अन्य क्षेत्रों के 100 से अधिक उचित दर विक्रेता सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं।
शिकायत पत्र में उचित दर विक्रेताओं ने आरोप लगाया है कि आशीष श्रीवास्तव की पूर्व में तहसील सदर और नगर क्षेत्र स्थित एरिया ऑफिस में तैनाती के दौरान राशन विक्रेताओं को परेशान किया जाता था। आरोप है कि दुकानों की जांच के नाम पर विक्रेताओं पर दबाव बनाया जाता था और उनसे कथित तौर पर हर महीने तीन से चार हजार रुपये की मांग की जाती थी। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने और दुकान निरस्त कराने की धमकी देकर कथित रूप से 50 हजार से एक लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध शिकायत पत्र में संबंधित अधिकारी का पक्ष शामिल नहीं है।
उचित दर विक्रेताओं के अनुसार, अधिकारी के विरुद्ध पहले भी जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की गई थीं। शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि कुछ विक्रेताओं ने सक्षम अधिकारियों के समक्ष शपथ पत्र सहित अपने बयान भी दर्ज कराए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन मामलों की जांच सहारनपुर मंडल के संयुक्त आयुक्त खाद्य के समक्ष चल रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित खाद्यान्न की आपूर्ति के दौरान एक या दो बोरी कम लेने के लिए दबाव बनाया जाता था। ऐसा नहीं करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। उचित दर विक्रेताओं ने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत पत्र में आशीष श्रीवास्तव की पूर्व तैनाती और स्थानांतरण का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, पहले सामने आई शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन से उनका स्थानांतरण तहसील सदर से खतौली क्षेत्र में किया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उनका स्थानांतरण नगर क्षेत्र और एरिया ऑफिस में हो गया। वहां तैनाती के दौरान भी उचित दर विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को शिकायतें भेजीं। प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि इसके बाद उन्हें नगर क्षेत्र और एरिया ऑफिस से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया था।
शिकायतकर्ताओं ने ग्राम खतौला में राशन वितरण से जुड़े एक पुराने मामले को भी उठाया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, जनवरी 2025 में पूर्व उचित दर विक्रेता तनु, पत्नी अनिल कुमार, के विरुद्ध राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच की गई थी। शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि जांच के दौरान गांव के लगभग 200 राशन कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए थे। इनमें से करीब 190 कार्डधारकों ने दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में राशन नहीं मिलने की शिकायत की थी।
इस मामले में दुकान के संचालन और विभागीय कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार, चार फरवरी 2025 को पूर्व विक्रेता तनु की दुकान को ग्राम कुटबी की उचित दर विक्रेता कमलेश देवी की दुकान से संबद्ध किया गया था। इसके बाद पांच फरवरी को दुकान सील किए जाने और छह फरवरी को सील हटाए जाने का उल्लेख है।
शिकायत पत्र में छह फरवरी 2025 की हस्तांतरण रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि दुकान में गेहूं का स्टॉक छह क्विंटल 19 किलोग्राम और चावल का स्टॉक नौ क्विंटल चार किलोग्राम दर्ज था। दोनों को मिलाकर कुल खाद्यान्न 15 क्विंटल 23 किलोग्राम बताया गया है।
उचित दर विक्रेताओं ने कमलेश देवी की ओर से फरवरी 2025 में ग्राम खतौला में राशन वितरण के लिए आवंटित खाद्यान्न की जानकारी और स्टॉक हस्तांतरण का मुद्दा भी उठाया है। प्रार्थना पत्र के मुताबिक, संबंधित विक्रेता ने खाद्यान्न का नियमानुसार हस्तांतरण कराने के लिए कई बार आवेदन दिए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बावजूद गेहूं और चावल के आवंटन की पूरी जानकारी नहीं दी गई।
इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत पत्र के अनुसार, इसके बावजूद मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस मामले में संयुक्त आयुक्त खाद्य, सहारनपुर मंडल के समक्ष अपील लंबित होने की बात भी कही गई है।
उचित दर विक्रेताओं ने आशंका जताई है कि आशीष श्रीवास्तव को दोबारा तहसील सदर क्षेत्र में तैनात किए जाने पर उनके विरुद्ध चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। शिकायतकर्ताओं ने मूल दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी व्यक्त की है। इसी आधार पर उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को तहसील सदर क्षेत्र में तैनात न किया जाए।
शिकायत पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर क्षेत्र में तैनात किया गया, तो सदर तहसील और अन्य क्षेत्रों के 100 से अधिक उचित दर विक्रेता सामूहिक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। विक्रेताओं ने जिला पूर्ति अधिकारी से पूरे मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की है।
फिलहाल, उपलब्ध शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पूर्ति निरीक्षक का पक्ष शामिल नहीं है। भ्रष्टाचार, राशन वितरण में कथित अनियमितताओं और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़ी शिकायतों की वास्तविकता जांच के निष्कर्षों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में आशीष श्रीवास्तव की तैनाती को लेकर उठे विवाद के बीच लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक निर्णय पर राशन विक्रेताओं की नजर बनी हुई है।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
