मुजफ्फरनगर: सेक्स रैकेट का स्टिंग ऑपरेशन आया सामने, पुलिस जांच में जुटी
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के दो मकानों में चल रहे अवैध कारोबार का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

मुजफ्फरनगर के नई मंडी में कथित सेक्स रैकेट का स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद जांच करती पुलिस।
मुजफ्फरनगर में कथित देह व्यापार के कारोबार का स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद शहर में हड़कंप मच गया। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में स्थित दो मकानों में कथित रूप से संचालित हो रहे सेक्स रैकेट को लेकर मामला सामने आया है। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक महिला कैमरे पर 15 मिनट के लिए 500 रुपये की मांग करते हुए सौदेबाजी करती रिकॉर्ड हुई। घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नई मंडी क्षेत्र के सुनसान इलाके में स्थित दो अलग-अलग मकानों में लंबे समय से संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी जा रही थी। आसपास के लोगों और हिंदूवादी संगठनों को इन मकानों में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने का संदेह था। मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए संगठन से जुड़े कुछ युवकों ने योजनाबद्ध तरीके से स्टिंग ऑपरेशन किया। युवक ग्राहक बनकर मकान के भीतर पहुंचे और वहां मौजूद महिला से बातचीत शुरू की। इसी दौरान महिला कथित अनैतिक कार्य के लिए दरें तय करने लगी, जिसे युवकों ने छिपे हुए कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सामने आए वीडियो में महिला 15 मिनट के लिए 500 रुपये मांगती हुई दिखाई और सुनाई दे रही है। रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद संगठन से जुड़े अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौके से कुछ महिलाओं को रोकने का दावा किया और तत्काल नई मंडी कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
स्टिंग ऑपरेशन करने वाले लोगों ने बताया कि कथित देह व्यापार से संबंधित पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए गए हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस अवैध कारोबार को कथित रूप से स्थानीय पुलिस का संरक्षण मिलने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। आरोप है कि इसी वजह से यह गतिविधि लंबे समय से बेखौफ संचालित हो रही थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी या दोनों मकानों में देह व्यापार संचालित होने की पुष्टि को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सौंपे गए वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद शहर के कई नामचीन और रसूखदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों मकानों का वास्तविक मालिक कौन है और इन्हें किस उद्देश्य से किराए पर दिया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन मकानों का इस्तेमाल किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा था और कथित देह व्यापार के कारोबार में कौन-कौन से मुख्य सरगना तथा बिचौलिए शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। स्टिंग ऑपरेशन की वीडियो फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों की सत्यता की पड़ताल के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच में मकानों के मालिकों से लेकर कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों तक की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
