मुजफ्फरनगर में रिलायंस स्मार्ट बाजार से खरीदी गई चॉकलेट में कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद स्टोर में हंगामा हो गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चॉकलेट खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। चॉकलेट खोलकर देखने पर उसमें कीड़े दिखाई दिए। इसके बाद दोबारा स्टोर पहुंचकर अन्य चॉकलेट की जांच कराई गई, जहां कई और चॉकलेट में भी कीड़े मिलने का दावा किया गया। आदर्श कॉलोनी रिंग रोड स्थित स्टोर की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है।

मामला शहर के नई मंडी थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता अमजद सैफी के अनुसार, उन्होंने रविवार शाम रिलायंस स्मार्ट बाजार से बच्चों के लिए चॉकलेट खरीदी थीं। रात में बच्चों ने चॉकलेट खाई तो उन्हें खांसी होने लगी और उनकी तबीयत बिगड़ गई। बच्चों की हालत देखकर परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद चॉकलेट को खोलकर देखा गया तो उसके अंदर कीड़े दिखाई दिए। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। उन्होंने बच्चों को बाकी चॉकलेट खाने से रोक दिया और चॉकलेट में कीड़े होने का वीडियो बना लिया।

अमजद सैफी ने बताया कि शिकायत लेकर वह सोमवार सुबह करीब 10 बजे अन्य लोगों के साथ दोबारा रिलायंस स्मार्ट बाजार पहुंचे। वहां स्टोर में मौजूद चॉकलेट के पैकेट और डिब्बियां खुलवाकर जांच कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस दौरान कई अन्य चॉकलेट में भी कीड़े दिखाई दिए। इसके बाद लोगों ने स्टोर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके भंडारण के तरीके पर सवाल उठाए। देखते ही देखते मौके पर हंगामा शुरू हो गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, चॉकलेट खाने के बाद बच्चों की तबीयत अभी भी खराब है और वह उन्हें चिकित्सक के पास लेकर जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इतनी गंभीर शिकायत के बावजूद स्टोर प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। अमजद सैफी ने बताया कि उन्होंने मैनेजर से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन मैनेजर नीचे आकर उनसे बात करने को तैयार नहीं हुए। इससे नाराज लोगों ने स्टोर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मामले में रिलायंस स्मार्ट बाजार के मैनेजर विवेक शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि कंपनी की ओर से उन्हें इस मामले में बयान देने की अनुमति नहीं है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक स्टोर पर हंगामे की स्थिति बनी हुई थी।

चॉकलेट में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। संबंधित उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में उनकी जांच कराना जरूरी है। इसके साथ ही स्टोर में रखे अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और भंडारण की स्थिति की जांच भी आवश्यक है।

फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। विभागीय जांच के निष्कर्ष भी सामने नहीं आए हैं। यदि जांच में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अब खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और स्टोर में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच पूरी होने का इंतजार है।

Om Prakash Pal

Om Prakash Pal

नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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