मुजफ्फरनगर में दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ जलेगा 15 फीट का ‘कॉकरोच’u
मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक नुमाइश ग्राउंड में दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ 15 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन होगा। श्री राम सेवा दल की इस नई पहल के पीछे क्या संदेश है और कैसे होगी पुतलों की आतिशबाजी?

मुजफ्फरनगर नुमाइश ग्राउंड में दशहरा दहन के लिए तैयार किए गए चार पुतले।
मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक नुमाइश ग्राउंड में इस बार दशहरा उत्सव के दौरान रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ 15 फीट ऊंचे ‘कॉकरोच’ के पुतले का भी दहन किया जाएगा। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में चौथे पुतले को शामिल करना इस बार का प्रमुख बदलाव है। आयोजन समिति के अनुसार, इसके माध्यम से देश में अस्थिरता, अशांति और सामाजिक विद्वेष फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ संदेश देने का प्रयास किया गया है।
मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में श्री राम सेवा दल (गणेशपुरम) की ओर से वर्षों से विजयादशमी मेले का आयोजन किया जा रहा है। हर साल यहां अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन होता है। अब तक इन तीन पारंपरिक पुतलों के साथ चौथे पुतले के रूप में आतंकवाद का पुतला जलाने की परंपरा रही थी। इस बार आयोजकों ने इसमें बदलाव करते हुए आतंकवाद के स्थान पर कॉकरोच का पुतला तैयार कराया है।
आयोजकों का कहना है कि कॉकरोच अंधेरे, गंदगी और अनैतिकता का प्रतीक है, जो छिपकर समाज और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। उनके अनुसार, इसी तरह देश के भीतर छिपी नफरत, भ्रष्टाचार, अराजकता और अस्थिरता पैदा करने वाली प्रवृत्तियां भी देश की एकता और अखंडता के लिए घातक हैं। इस पहल के जरिए बाहरी बुराइयों के प्रतीक रावण के साथ समाज में छिपी अंदरूनी बुराइयों के दहन का आह्वान किया गया है।
दशहरा ग्राउंड में स्थापित किए गए चारों पुतलों को विशेष कारीगरी और तकनीकी व्यवस्था से तैयार किया गया है। इनमें रावण का पुतला 60 फीट, कुंभकरण का 55 फीट और मेघनाद का 50 फीट ऊंचा है, जबकि कॉकरोच का पुतला 15 फीट ऊंचा बनाया गया है। श्री राम सेवा दल के अध्यक्ष विनोद खेड़ा और महासचिव अशोक कुमार ने बताया कि सभी पुतलों को आकर्षक रूप दिया गया है। दहन के दौरान पुतलों के मुंह और आंखों से आग की लपटें और धुआं निकलेगा। पूरी दहन प्रक्रिया रिमोट कंट्रोल तकनीक से संचालित की जाएगी।
पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी प्रसिद्ध कारीगर शफीक और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने संभाली है। यह टीम पिछले कई वर्षों से मुजफ्फरनगर के दशहरा मेले के लिए पुतले बनाती आ रही है। इस बार टीम ने पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच के पुतले का ढांचा तैयार करने, उसकी सजावट और आतिशबाजी से संबंधित तकनीकी फिटिंग का काम भी पूरा कर लिया है।
श्री राम सेवा दल के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। समाज में नफरत और देश को कमजोर करने वाली गतिविधियों का विरोध करने के उद्देश्य से कॉकरोच के पुतले को शामिल करने का प्रयोग किया गया है। विजयादशमी की शाम भव्य आतिशबाजी और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच भगवान श्रीराम के स्वरूप द्वारा चारों पुतलों का दहन किया जाएगा।
इस आयोजन में मुजफ्फरनगर शहर के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पारंपरिक रावण दहन के साथ कॉकरोच के पुतले को शामिल करने से इस बार का दशहरा उत्सव सामाजिक बुराइयों और देश की एकता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ संदेश देने पर केंद्रित रहेगा।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
