मुजफ्फरनगर में सैक्स टॉयज और फर्जी कामोत्तेजक दवाओं के अवैध कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जनपद मुख्यालय में सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान सिविल लाइन पुलिस ने बझेडी रोड स्थित इमरान कालोनी में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में एडल्ट टॉयज, फर्जी दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और ऑनलाइन प्रचार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। बरामद सामान को सील कर पुलिस ने आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन रघुराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त और सटीक सूचना के आधार पर बीती रात बझेडी रोड स्थित इमरान कालोनी में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोहम्मद फुरकान निवासी लद्धावाला, हाल पता इमरान कॉलोनी और शाहिद निवासी लोनी गाजियाबाद, हाल पता इमरान कॉलोनी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस दल ने एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में एडल्ट टॉयज और अन्य सामग्री जब्त की। बरामद सामान में 50 माजून की डिब्बियां, 12 बंडल फर्जी रैपर टेप (आरएमडी हरबल), 1 कार्टन 'वोरेक्स वर्जिन पोड कैप्सूल', 473 बेल्ट युक्त डिल्डो, 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम, 270 शीशी पीले रंग का संदिग्ध तरल पदार्थ, सैकड़ों की संख्या में रंग-बिरंगी गोलियों की डिब्बियां/पैकेट तथा प्रचार में इस्तेमाल होने वाला 1 लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम शामिल है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बाजार से कच्चा माल लाकर अपने घर पर ही बिना किसी वैध लाइसेंस या मेडिकल डिग्री के कामोत्तेजक दवाएं और माजून तैयार करते थे। इसके बाद इन उत्पादों पर नामचीन कंपनियों के फर्जी लेबल लगाकर उन्हें ऊंचे दामों में बेचा जाता था। अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि अवैध कारोबार को फैलाने के लिए यूट्यूब और व्हाट्सएप के जरिए विज्ञापन किया जाता था और युवाओं को आकर्षित कर ऑनलाइन सप्लाई की जाती थी।

सिविल लाइन थाना पुलिस को क्षेत्र में अवैध रूप से वयस्क सामग्री के भंडारण और वितरण की गुप्त जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने इमरान कालोनी में स्थित एक बंद पड़े गोदाम नुमा मकान पर अचानक छापेमारी की। जांच में सामने आया कि इस मकान का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा था, जहां से विभिन्न क्षेत्रों में इन उत्पादों की गुप्त आपूर्ति की जाती थी। घनी आबादी वाले इलाके में चल रही इस गतिविधि की स्थानीय निवासियों को भी भनक नहीं थी।

दोनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं तथा 67 आईटी एक्ट के तहत मामला (मु.अ.सं. 248/26) पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने छापेमारी में जब्त सामान को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया है।

अब पुलिस आरोपियों के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' की गहनता से जांच कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि भारी खेप कहां से मंगवाई गई थी और इसमें कौन-कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन उत्पादों को किन-किन लोगों और किन माध्यमों, ऑनलाइन या ऑफलाइन, से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा था।

पुलिस इस कारोबार के मुख्य सरगना और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की भी जांच कर रही है। बरामद सामग्री, आरोपियों से पूछताछ और सामने आए नेटवर्क के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाया जा सके।


Om Prakash Pal

Om Prakash Pal

नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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