11 साल से फरार 50 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर दानापुर से गिरफ्तार
चंदौली में 11 साल से फरार 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुमार कुशवाहा को मुगलसराय पुलिस ने दानापुर से गिरफ्तार किया। आरोपी 2015 के अपहरण-फिरौती मामले में वांछित था और उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं।

तस्वीर में मुगलसराय थाने के भीतर पुलिसकर्मी और अधिकारी गिरफ्तार आरोपी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
चंदौली। मुगलसराय पुलिस ने 11 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुमार कुशवाहा उर्फ छोटू को बिहार के दानापुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2015 में मुगलसराय क्षेत्र में हुए चर्चित अपहरण और फिरौती के मामले में वांछित था। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और 19 अगस्त 2026 को दानापुर, पटना (बिहार) से उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी 2015 को मैनाताली निवासी पीयूष भारूका घर से निकले थे। इसके बाद उनकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास लावारिस हालत में मिली थी। तीन दिन बाद 16 जनवरी को परिजनों के मोबाइल पर अपहृत पीयूष के मोबाइल नंबर से फिरौती की कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने फिरौती की रकम नहीं देने पर पीयूष को जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में मुगलसराय थाने में धारा 364-A और 506 IPC के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पीयूष भारूका को सकुशल बरामद कर लिया था। मामले में विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका था, लेकिन आरोपी दिलीप कुमार कुशवाहा लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम और सर्विलांस टीम ने आरोपी की तलाश तेज की। मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को दानापुर क्षेत्र से 50 हजार रुपये के इनामी दिलीप कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ चंदौली के अलावा बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसे हिस्ट्रीशीटर भी बता रही है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में वर्ष 2005 से 2012 के बीच बिहार और झारखंड के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपहरण से जुड़े कई मामले शामिल हैं। इसके अलावा पटना के कंकरबाग थाने में हत्या के प्रयास, बलवा, पुलिसकर्मियों पर हमले और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला भी दर्ज है। 11 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी की दानापुर से गिरफ्तारी मुगलसराय पुलिस की सर्विलांस और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई कार्रवाई का परिणाम रही।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
