मुगलसराय में रात 10 बजे के बाद भी शराब बिक्री का दावा, वायरल वीडियो से उठे निगरानी व्यवस्था पर सवाल
मुगलसराय में रात 10 बजे के बाद शराब बिक्री का दावा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर देर रात तक बिक्री कैसे जारी रही?

मुगलसराय के कैलाशपुरी मोड़ स्थित मॉडल शॉप पर निर्धारित समय सीमा के बाद भी कथित तौर पर शराब की बिक्री किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं।
शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर शराब बिक्री सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम लागू हैं, लेकिन मुगलसराय में वायरल हुए एक वीडियो ने इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी शराब की बिक्री जारी रही।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था चर्चा के केंद्र में आ गई है। स्थानीय स्तर पर यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री के आरोप सामने आए हों। इससे पूर्व भी मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें समय सीमा के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे।
शासन की नीति के अनुसार निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री प्रतिबंधित है। ऐसे में यदि देर रात तक दुकानों के संचालन के दावे सही पाए जाते हैं, तो यह नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और जिम्मेदारी किसकी तय हुई।
इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर सक्रिय होने लगा है। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो और क्षेत्र में चल रही चर्चाओं ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब कथित अनियमितताओं के वीडियो आम लोगों तक पहुंच रहे हैं, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था उन्हें समय रहते क्यों नहीं पकड़ पा रही है। अब निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाए जाते हैं या मामला केवल सोशल मीडिया की चर्चा बनकर रह जाता है।
यदि वीडियो में किए जा रहे दावे सही साबित होते हैं, तो यह न केवल निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन का मामला होगा, बल्कि कानून के अनुपालन और प्रशासनिक निगरानी की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

Pratahkal Bureau
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