मिर्जापुर। संतनगर थाना क्षेत्र में शिवम की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शिवम के दोनों हाथ बंधे हुए थे, उसका मल्टीमीडिया मोबाइल गायब है और बिना फॉरेंसिक जांच के शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इन परिस्थितियों को लेकर परिजनों ने घटना को आत्महत्या के बजाय हत्या की साजिश बताया है।

पीड़ित पिता विश्वम्भर कुमार के अनुसार उनके पुत्र शिवम का गांव की ही युवती बेबी उर्फ बबिता से प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि शिवम द्वारा शादी से इनकार करने के बाद युवती के परिजन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों के अनुसार 6 सितंबर 2024 को युवती पक्ष ने सुनियोजित तरीके से शिवम को घर से दीपनगर बुलाया। रात में शिवम घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

परिजनों के अनुसार उसी रात 10:08 मिनट पर युवती ने फोन कर कहा, "शिवम अब घर नहीं आएगा, उसे भूल जाओ, अब तुम लोग उसका मरा हुआ मुंह ही देखोगे।" इसके कुछ देर बाद गांव के एक व्यक्ति से परिजनों को जानकारी मिली कि शिवम का शव पेड़ पर लटका हुआ है।

मौके पर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि शिवम की हत्या कर उसके शव को पेड़ पर लटकाया गया है। उनका आरोप है कि युवती ने अपने परिवार और दो अन्य युवकों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

परिजनों ने घटना को लेकर तीन प्रमुख सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि यह आत्महत्या थी तो शिवम के दोनों हाथ किसने और क्यों बांधे। परिजनों के अनुसार मृतक के हाथ बंधे हुए मिले थे, जिससे उन्होंने घटना को हत्या की दिशा में जांच किए जाने की मांग की है।

दूसरा सवाल शिवम के मल्टीमीडिया मोबाइल को लेकर है। परिजनों का आरोप है कि उसका मोबाइल गायब है। आशंका जताई गई है कि मोबाइल में युवती और उसके परिवार से जुड़े कई राज थे और इसी वजह से सबूत मिटाने के लिए मोबाइल गायब किया गया।

परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को नहीं बुलाया और हड़बड़ी में शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस को ऐसी क्या जल्दी थी कि बिना साक्ष्य जुटाए ही शव उतार दिया गया।

पीड़ित पिता विश्वम्भर कुमार ने थाने पर सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब एसपी से थानाध्यक्ष संतनगर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच की बात कही है। शिवम की मौत को लेकर परिजनों के आरोप, हाथ बंधे होने, मोबाइल गायब होने और फॉरेंसिक जांच नहीं होने के सवालों के बीच मामले की जांच पर नजर बनी हुई है।

Santosh Giri

Santosh Giri

नाम: संतोष देव गिरि

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार

कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश

अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)

बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय

परिचय

संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:

  • दैनिक जागरण
  • हिंदुस्तान
  • राष्ट्रीय सहारा
  • सहारा समय
  • दैनिक मान्यवर
  • दैनिक भास्कर
  • चौथी दुनिया
  • हमवतन
  • लोकमत

शैक्षणिक योग्यता

स्नातक (Graduate)

Next Story