उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। ड्रामंडगंज घाटी के खतरनाक ढलान पर एक ट्रक के कथित ब्रेक फेल होने से शुरू हुई यह दुर्घटना देखते ही देखते भयावह त्रासदी में बदल गई, जिसमें 11 लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, की जान चली गई।

यह हादसा बुधवार रात करीब 8:30 बजे नेशनल हाईवे-135 पर उस समय हुआ, जब घाटी से नीचे उतर रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह आगे चल रहे एक अन्य ट्रक से जा टकराया। इस बीच दोनों ट्रकों के बीच चल रही एक कार पूरी तरह चपेट में आ गई और बुरी तरह कुचल गई। टक्कर की इस श्रृंखला में एक अन्य कार, जो बोलेरो थी, भी इसकी चपेट में आ गई और भीषण आग की लपटों में घिर गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो कुछ ही पलों में आग का गोला बन गई। वाहन में सवार 9 लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए, जिन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।



इस दर्दनाक घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। वहीं, प्रधानमंत्री ने भी इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।



घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि यह दुर्घटना ड्रामंडगंज घाटी से लसौड़ा की ओर उतरते समय हुई, जो जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में शामिल वाहनों में बिहार और मध्य प्रदेश के पंजीकरण वाले ट्रक शामिल थे, जबकि कारें सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों की थीं।

इस हादसे में जान गंवाने वालों में मिर्जापुर के जिगना क्षेत्र के सात लोग शामिल हैं, जिनमें शिवा सिंह (8), सोनम सिंह (9), पियूष सिंह (14), पंकज सिंह (40), वंदना सिंह (43), विष्णु सिंह (45) और वीना सिंह (47) शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के सतना से कार्तिकेय सिंह (18) और प्रियंका सिंह (42), सागर से विकास शर्मा (32) तथा सोनभद्र से जय प्रकाश (27) की भी इस हादसे में मृत्यु हो गई।

इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी और घाटी वाले क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक की तकनीकी स्थिति क्या थी और दुर्घटना के पीछे अन्य कोई कारण तो नहीं था। मिर्जापुर का यह हादसा न केवल कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि सड़क सुरक्षा में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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