जनपद में बाढ़ प्रभावित ग्रामों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत, स्वास्थ्य, पशुपालन और रेस्क्यू संबंधी कार्रवाई लगातार की जा रही है। बाढ़ के दौरान अब तक 4340 क्लोरीन टैबलेट और 509 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं, जबकि 221 ग्रामों में लार्विसाइडल का छिड़काव कराया गया है।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने गुरुवार को ओझला पुल पहुंचकर गंगा नदी के किनारे केंद्रीय जल आयोग बोर्ड द्वारा लगाए गए जल स्तर मापक स्थल का निरीक्षण किया और जलस्तर संबंधी जानकारी ली। उन्होंने तहसील सदर और चुनार के उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों तथा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित ग्रामों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के अनुसार जनपद मीरजापुर में संभावित बाढ़ का वर्तमान जलस्तर 76.04 मीटर है। जलस्तर में वृद्धि-घटोत्तरी की दर 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटा है। चेतावनी बिंदु का जलस्तर 76.724 मीटर और खतरे के बिंदु का जलस्तर 77.724 मीटर है। जनपद में कुल 12 ग्राम प्रभावित हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 10 साधारण नाव और एक मोटर बोट संचालित की जा रही है। अब तक 600 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। स्वास्थ्य जांच के लिए 38 मेडिकल टीमें गठित कर सक्रिय की गई हैं। बाढ़ चौकियों पर अब तक 93 लोगों का उपचार किया गया है। बाढ़ और अतिवृष्टि के दौरान रेस्क्यू टीम द्वारा 60 लोगों को बचाया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत बाढ़ के दौरान 509 ओआरएस पैकेट और 4340 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। 221 ग्रामों में लार्विसाइडल का छिड़काव कराया गया है। वहीं, बाढ़ से पहले और वर्तमान में घर-घर पशु टीकाकरण अभियान के तहत 92250 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।

जनपद में 37 बाढ़ चौकियां संचालित हैं। इन चौकियों पर राजस्व विभाग, ग्राम विकास विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के कर्मचारी तैनात रहते हैं। इनमें सदर तहसील में 14 और चुनार तहसील में 23 बाढ़ चौकियां संचालित हैं। बाढ़ रेस्क्यू कार्य के लिए दो टीमें लगाई गई हैं, जिनमें एक एसडीआरएफ टीम और एक पीएसी टीम शामिल है। इसके अलावा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिए आठ एम्बुलेंस आरक्षित रखी गई हैं।

तहसील चुनार में कुल नौ ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें सात ग्राम समसपुर, धौरहरा, बहरामगंज, जगदीशपुर उर्फ टम्मलगंज, रैपुरिया, काजिया और भरपुर उर्फ चुनार में आबादी के साथ आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं डवक और आराजी कांधी में केवल आबादी प्रभावित हुई है। चुनार तहसील क्षेत्र में राहत कार्य के लिए आठ साधारण नाव संचालित की जा रही हैं और 600 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं।

तहसील सदर में कुल तीन ग्राम प्रभावित हैं। बेदौली कलां, कठिनाई और हरसिंहपुर में केवल आवागमन प्रभावित हुआ है। इन क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए तीन नाव संचालित हैं, जिनमें दो साधारण नाव और एक मोटर बोट शामिल है।

प्रशासन ने बाढ़ चौकियों, मेडिकल टीमों, नावों, रेस्क्यू टीमों और पशु टीकाकरण के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभावित ग्रामों में निगरानी और राहत कार्य लगातार जारी है।

Santosh Giri

Santosh Giri

नाम: संतोष देव गिरि

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार

कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश

अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)

बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय

परिचय

संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:

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शैक्षणिक योग्यता

स्नातक (Graduate)

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