कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भारी विस्फोट के बाद उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को मिर्जापुर जिले में क्षेत्राधिकारी सदर ने पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का निरीक्षण किया। संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर पटाखा निर्माण, भंडारण एवं बिक्री स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 3 सितंबर 2026 से 7 सितंबर 2026 तक पांच दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।



अभियान के क्रम में 4 सितंबर 206 को क्षेत्राधिकारी सदर जटाशंकर मिश्र और अग्निशमन अधिकारी (एफएसओ) मीरजापुर ने प्रभारी निरीक्षक थाना कछवां के साथ थाना कछवां क्षेत्र में संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। टीम ने मुन्ने बाबू आतिशबाज के गोदाम एवं दुकान समेत अन्य पटाखा प्रतिष्ठानों की चेकिंग की।

निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालकों को निर्देशित किया गया कि पटाखा निर्माण और भंडारण से संबंधित लाइसेंस तथा अनुमति की निर्धारित शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अग्नि सुरक्षा के आवश्यक उपायों और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता कड़ाई से बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने संचालकों को स्थल पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा असुरक्षित व्यवस्था नहीं रखने के लिए सचेत किया। आकस्मिक आगजनी या विस्फोट की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान बाल श्रम के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने, प्रत्येक बिक्री स्थल को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने और आबादी एवं आवासीय क्षेत्रों से संबंधित सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। अवैध रूप से पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री अथवा परिवहन की सूचना मिलने पर नियमानुसार तत्काल विधिक कार्रवाई करने को भी कहा गया।

पुलिस टीम द्वारा पटाखा विक्रेताओं और गोदामों के निरीक्षण की खबर से बाजार में खलबली मची रही। कौशांबी में हुए भारी विस्फोट के बाद मिर्जापुर में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान पटाखा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच को लेकर पुलिस की सख्ती को सामने लाता है।

Santosh Giri

Santosh Giri

नाम: संतोष देव गिरि

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार

कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश

अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)

बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय

परिचय

संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:

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शैक्षणिक योग्यता

स्नातक (Graduate)

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