मीरजापुर के मड़िहान क्षेत्र स्थित देवरी कला में उद्यान विभाग के स्वर्णिम 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान विन्ध्य यूनिवर्सिटी के पास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने ड्रैगन फ्रूट के साथ हरी मिर्च, मशरूम, टमाटर और खीरे की खेती को किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बताया।

‘प्रगति के पथ पर उद्यान के स्वर्णिम 51 वर्ष’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस समारोह में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सेंटर का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह केंद्र विन्ध्याचल, वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने किसानों को परंपरागत खेती के साथ अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा, "ड्रैगन फ्रूट कम लागत, कम पानी में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है। यह किसानों की आय दोगुनी करने का सबसे सशक्त माध्यम है। सरकार चाहती है कि किसान परंपरागत खेती से निकलकर ड्रैगन फ्रूट जैसी विदेशी और औषधीय फसलों की ओर बढ़ें।"

उन्होंने किसानों से हरी मिर्च, मशरूम, टमाटर और खीरे की खेती पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि इन फसलों की बाजार में साल भर मांग रहती है। पॉली हाउस और शेड नेट के माध्यम से इनकी खेती करके किसान कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से इस प्रकार की खेती पर 50 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां विधायक सुचिष्मिता मौर्य, एमएलसी विनीत सिंह, उद्यान विभाग के निदेशक भानु प्रकाश, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम और मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा तीनों मंडलों के उद्यान अधिकारी और सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

गोष्ठी के दौरान किसानों को उन्नत बीज, ड्रिप इरिगेशन और उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट की स्थापना और आधुनिक बागवानी तकनीकों पर जोर देने के साथ कार्यक्रम में किसानों को खेती के नए विकल्पों तथा सरकारी अनुदान योजनाओं से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

Santosh Giri

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नाम: संतोष देव गिरि

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार

कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश

अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)

बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय

परिचय

संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:

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शैक्षणिक योग्यता

स्नातक (Graduate)

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