मिर्जापुर: भोलानाथ कुशवाहा का काव्य संग्रह 'यात्रा में हैं शब्द' प्रकाशित
उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा की अब तक 13 साहित्यिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

तस्वीर में भोलानाथ कुशवाहा की नई पुस्तक 'यात्रा में हैं शब्द' का कवर पेज दिख रहा है।
मिर्जापुर। जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा का नया काव्य संग्रह ‘यात्रा में हैं शब्द’ प्रकाशित हो गया है। संग्रह में कविता के साथ पद्य की अन्य कई विधाओं की रचनाएं शामिल हैं। इसे हिन्दी श्री पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। संग्रह के प्रकाशन के बाद साहित्य जगत से जुड़े लोगों ने भोलानाथ कुशवाहा को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
सात जुलाई 1950 को जनपद के राजपुर ग्राम में जन्मे भोलानाथ कुशवाहा की अब तक कुल 13 साहित्यिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का मोहन राकेश सर्जना पुरस्कार समेत अन्य कई पुरस्कार मिलते रहे हैं।
नगर के बाँके लाल टंडन की गली, वासलीगंज निवासी भोलानाथ कुशवाहा के नए काव्य संग्रह ‘यात्रा में हैं शब्द’ में कविता समेत पद्य की अन्य कई विधाओं की रचनाओं को स्थान दिया गया है। हिन्दी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित इस संग्रह को लेकर साहित्यकारों और शुभचिंतकों में प्रसन्नता है।
काव्य संग्रह के प्रकाशन पर बधाई देने वालों में डॉ अनुज प्रताप सिंह, वृजदेव पांडेय, लाल व्रत सिंह सुगम, गणेश गंभीर, लल्लू तिवारी, अरविंद अवस्थी, आनंद अमित, डॉ अनुराधा ओस, केदारनाथ सविता, मुहिब मिर्जापुरी, रवींद्र कुमार पांडेय, नंदिनी वर्मा, कुलभूषण पाठक, इला जायसवाल, खुर्शीद भारती, हसन जौनपुरी, इम्तियाज अहमद गुमनाम, इरफान कुरैशी, अमर नाथ सिंह, आनंद केसरी, सारिका चौरसिया, हौसला प्रसाद मिश्र और पूजा यादव आदि प्रमुख हैं। ‘यात्रा में हैं शब्द’ के प्रकाशन के साथ भोलानाथ कुशवाहा की प्रकाशित साहित्यिक पुस्तकों की संख्या 13 हो गई है।

Santosh Giri
नाम: संतोष देव गिरि
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार
कार्यक्षेत्र: मिर्ज़ापुर / सोनभद्र (विंध्याचल मंडल मुख्यालय), उत्तर प्रदेश
अनुभव: 20 से अधिक वर्ष (दो दशक से भी ज़्यादा)
बीट: जनसरोकार, जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव, आदिवासी व वंचित समाज, कृषि, पर्यावरण, स्थानीय प्रशासन, राजनीति व अन्य प्रमुख विषय
परिचय
संतोष देव गिरि पिछले दो दशकों से अधिक समय से मीडिया के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह स्वतंत्र रूप से जनसरोकार के मसलों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान जल-जंगल-जमीन, वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी व वंचित समाज के अधिकारों, कृषि तथा प्रकृति पर निर्भर लोगों की समस्याओं और मुद्दों पर रहता है। वह विंध्याचल मंडल (मिर्ज़ापुर और सोनभद्र) मुख्यालय से इन क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
अपने लंबे पत्रकारिता सफर में वह देश के कई प्रमुख समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं:
- दैनिक जागरण
- हिंदुस्तान
- राष्ट्रीय सहारा
- सहारा समय
- दैनिक मान्यवर
- दैनिक भास्कर
- चौथी दुनिया
- हमवतन
- लोकमत
शैक्षणिक योग्यता
स्नातक (Graduate)
