मथुरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा के जिला अस्पताल में उस वक्त दहशत और कौतूहल का एक अजीबोगरीब मिश्रण देखने को मिला, जब एक ई-रिक्शा चालक सांप के काटने (Snake Bite) के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा। हैरानी की बात यह थी कि वह अकेला नहीं आया था, बल्कि जिस कोबरा ने उसे डसा था, उसे वह अपनी जैकेट की जेब में ‘पैक’ करके साथ लाया था। इमरजेंसी वार्ड के अंदर जीवित कोबरा को देखते ही मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई।

वृंदावन के रास्ते में हुआ हादसा

घटना की शुरुआत तब हुई जब ई-रिक्शा चालक दीपक अपनी नियमित सवारी लेकर वृंदावन की ओर जा रहा था। सफर के दौरान अचानक उसे महसूस हुआ कि किसी जहरीले जीव ने उसकी उंगली पर काट लिया है। जब उसने ध्यान से देखा तो वह एक लगभग 1.5 फीट लंबा कोबरा था।

आम तौर पर ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति घबराकर भाग खड़ा होता, लेकिन दीपक ने अदम्य साहस और जोखिम भरा निर्णय लेते हुए उस कोबरा को वहीं दबोच लिया। उसने सांप को अपनी ई-रिक्शा में नहीं छोड़ा, बल्कि उसे पकड़कर अपनी जैकेट की जेब में सुरक्षित रख लिया और सीधे मथुरा जिला अस्पताल की ओर रुख किया।



अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हाई-वोल्टेज ड्रामा

जैसे ही दीपक जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भीड़ और इलाज में हो रही देरी ने उसे व्यथित कर दिया। अपनी गंभीर स्थिति और तत्काल इलाज की आवश्यकता को समझाने के लिए, उसने वह कदम उठाया जिसकी कल्पना वहां मौजूद किसी भी डॉक्टर या मरीज ने नहीं की थी।

दीपक ने अपनी जेब से वह जीवित और फुफकारता हुआ कोबरा निकालकर डॉक्टरों के सामने रख दिया। उसका उद्देश्य शायद यह सुनिश्चित करना था कि डॉक्टर सांप की प्रजाति की पहचान कर सकें और उसे सही एंटी-वेनम दिया जा सके। लेकिन, इमरजेंसी वार्ड के अंदर टेबल पर कोबरा को देखते ही वहां भगदड़ मच गई। इलाज करा रहे अन्य मरीज और तीमारदार जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस का हस्तक्षेप और उपचार

अस्पताल में मची अफरा-तफरी की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थिति को संभाला और वन विभाग या विशेषज्ञों की मदद से सांप को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया।

घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:

  • साहस और जोखिम: चालक ने कोबरा को मारने या भागने के बजाय उसे जेब में रखकर अस्पताल तक का सफर तय किया।
  • अस्पताल में दहशत: जीवित सांप को सबूत के तौर पर पेश करने से इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
  • सफल इलाज: डॉक्टरों ने सांप की पहचान के आधार पर दीपक को तत्काल एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया।


राहत की बात यह है कि समय पर एंटी-वेनम मिलने के कारण दीपक की हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। यह घटना सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर यह घटना ग्रामीण भारत में सांप के काटने पर 'सांप की पहचान' को लेकर लोगों की व्यावहारिक (लेकिन बेहद खतरनाक) सोच को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर इसने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, दीपक की जान बच गई है, लेकिन उनका यह दुस्साहस लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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