लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में अचानक भीषण आग लग गई। यह भवन कथित तौर पर एक कोचिंग-सह-लाइब्रेरी केंद्र के रूप में संचालित हो रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन कर रहे थे। आग लगते ही देखते ही देखते पूरी इमारत घने धुएं से भर गई और भीतर मौजूद छात्रों के बीच दहशत फैल गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आग दोपहर के समय अचानक भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत की कई मंजिलों तक फैल गई। धुआं तेजी से फैलने के कारण अंदर का वातावरण दमघोंटू हो गया और लोगों के लिए बाहर निकलने के रास्ते लगभग बंद हो गए। कई छात्र अलग-अलग कक्षाओं और अध्ययन कक्षों में मौजूद थे, जिन्हें अचानक उठी इस आग की सूचना मिली।



जैसे-जैसे धुआं बढ़ता गया, ऊपरी मंजिलों पर मौजूद कई छात्र फंस गए। दृश्यता लगभग समाप्त हो गई और सीढ़ियों से नीचे उतरना कठिन हो गया। इसी अफरातफरी में कई छात्रों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगाई, जबकि कुछ ने बालकनी और आसपास मौजूद संरचनाओं का सहारा लेकर नीचे उतरने की कोशिश की। इस स्थिति ने बाहर बचाव कार्य को भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना दिया।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई दमकल गाड़ियां तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुटा दी गईं। बचाव दल ने इमारत में एक-एक मंजिल पर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया और घायलों को बाहर लाकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती समय में बचाव कार्य में सहायता की, जिससे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।



शुरुआती और विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार इस हादसे में कम से कम चार लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है, जबकि कई अन्य छात्र घायल हुए हैं, जिनमें अधिकतर धुएं के कारण दम घुटने और गिरने से चोटिल हुए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों द्वारा अभी यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि इमारत में कितने लोग फंसे हुए थे और कुल कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि यह स्थान एक लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स संस्थान जैसा था। उनके अनुसार जब वे मौके पर पहुंचे तो इमारत से धुआं निकल रहा था। उन्होंने 5-6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि आग लगने के बाद एक व्यक्ति ने इमारत से छलांग लगाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अमन ने यह भी कहा कि अभी भी कुछ लोग इमारत के अंदर फंसे हो सकते हैं।

आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग या विद्युत प्रणाली पर अत्यधिक भार जैसे कारणों की संभावना पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच और भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में संचालित कोचिंग और अध्ययन केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीमित निकास मार्ग, अधिक भीड़भाड़ और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी जैसी स्थितियां ऐसी आपदाओं में खतरे को और बढ़ा देती हैं।

फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन और सर्च अभियान अभी भी जारी है। पूरा क्षेत्र सुरक्षा कारणों से घेराबंदी में है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह हादसा न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर एक बड़ा सवाल छोड़ गया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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