कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाज़ी के बीच केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के चिरयिनकीझु में शुक्रवार रात नव-निर्वाचित स्थानीय विधायक राम्या हरिदास के साथ पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने हाथापाई कर दी। विधायक का आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने उनका हाथ पीछे की ओर मरोड़ा और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद घायल राम्या हरिदास को चिरयिनकीझु तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

स्थानीय पुलिस और पार्टी सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत हाल ही में हुए स्थानीय सहकारी बैंक चुनाव और आधिकारिक बैठकों में प्रतिनिधित्व को लेकर हुई थी। बैंक चुनाव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता तीन अलग-अलग पैनलों से मैदान में थे। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विधायक राम्या हरिदास ने किसी भी पैनल के सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इससे नाराज पार्टी नेता साजद ने वॉट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करना शुरू कर दिया।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में विधायक के स्टाफ सदस्य पालयम प्रदीप शामिल हुए। साजद और उनके समर्थकों का कहना था कि विधायक के आधिकारिक पीए 'विमल' हैं, न कि प्रदीप। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदीप विधायक के करीब होने का फायदा उठाकर स्थानीय मामलों में हद से ज्यादा दखल दे रहे हैं।

अस्पताल में उपचाराधीन विधायक राम्या हरिदास ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि साजद ने उनसे कहा था कि उसने ये पोस्ट सजित और विश्वनाथन के उकसावे पर किए थे। इसके बाद साजद ने मामला सुलझाने के बहाने उन्हें अपने घर बुलाया। विधायक के अनुसार, जब वह बातचीत के लिए साजद के घर पहुंचीं, तो वहां पहले से मौजूद जिला पंचायत सदस्य सजित मुथंबलम, अधीश, बिनॉय और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया।

राम्या हरिदास का आरोप है कि सजित ने उनके साथ अत्यंत आक्रामक व्यवहार करते हुए कहा, "जिस तरह चलकर आई हो, उस तरह पैदल वापस नहीं जा पाओगी।" बहस के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके साथ शारीरिक हमला किया, धक्का-मुक्की की और उनका हाथ पीछे मरोड़ दिया। विधायक ने दावा किया कि यह पूरी घटना एक पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा थी।

पुलिस ने विधायक राम्या हरिदास की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत सदस्य सजित मुथंबलम और पार्टी नेता साजद समेत सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

दूसरी ओर, आरोपी कांग्रेस नेता साजद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। साजद का कहना है कि उन्होंने केवल वॉट्सएप ग्रुप में विधायक के स्टाफ सदस्य के अनुचित हस्तक्षेप पर सवाल उठाया था। उनका आरोप है कि शुक्रवार रात विधायक, पालयम प्रदीप और उनके समर्थक अचानक उनकी चिकन शॉप पर पहुंचे, परिवार को डराया-धमकाया और उन्हें जबरन दुकान से घर ले आए।

साजद के मुताबिक, घर पहुंचने पर जब उन्होंने विधायक के समर्थकों द्वारा उनकी बेटी से पोस्ट पढ़वाने का विरोध किया, तो कहासुनी हो गई। साजद का कहना है कि जब एक व्यक्ति पूरी घटना की मोबाइल रिकॉर्डिंग करने लगा, तो विधायक उसे रोकने के लिए आगे बढ़ीं, जिससे हाथापाई हुई। साजद और उनकी पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि दूसरे पक्ष की शिकायत की जांच कर नियमानुसार अलग केस दर्ज किया जाएगा।

राम्या हरिदास का राजनीतिक सफर वर्ष 2019 में अलाथुर लोकसभा सीट से भारी मतों से जीत के साथ शुरू हुआ, जब वह संसद पहुंचीं। चुनाव प्रचार के दौरान उनके गाए लोकगीतों ने पूरे राज्य में सुर्खियां बटोरी थीं। जून 2019 में उन्होंने नई दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की और पार्टी की प्रमुख युवा महिला नेता के रूप में उभरीं। वर्ष 2026 में उन्होंने चिरयिनकीझु (SC) सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर केरल विधानसभा की सदस्य बनीं।

चिरयिनकीझु में विधायक पर हमले के बाद कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। एक ओर पुलिस ने विधायक की शिकायत पर सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ BNS और SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की है, वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत की जांच के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

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