कटनी। जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम नागरिकों को तकनीकी सुरक्षा के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत रीठी पुलिस ने एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। रीठी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने आयोजित इस अभियान में पुलिस अधिकारियों ने बैंक ग्राहकों और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के उभरते खतरों से अवगत कराया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी आए दिन नई-नई तकनीकों का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, जिससे बचाव के लिए सतर्कता ही एकमात्र उपाय है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और हाल ही में चर्चा में रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे गंभीर साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उपस्थित नागरिकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए अधिकारियों ने समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, ओटीपी या अन्य कोई भी गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें।

अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि पुलिस, सीबीआई या कोई अन्य सरकारी एजेंसी फोन कॉल के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है। यदि किसी को ऐसा कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त होता है, तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। पुलिस ने सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए केवल आधिकारिक ऐप और विश्वसनीय वेबसाइटों के उपयोग पर जोर दिया और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी। कार्यक्रम के समापन पर रीठी पुलिस ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इन खतरों के प्रति सचेत करें, ताकि सामूहिक प्रयासों से जिले को साइबर अपराध मुक्त बनाया जा सके।

Pratahkal Newsroom

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