कटनी के बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम मसंदा स्थित खिरका भटवा में अज्ञात व्यक्ति का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के नेतृत्व में बाकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीम ने भी जांच की।

पुलिस को मौके पर सिर्फ हड्डियों का ढांचा मिला। कंकाल के पास से बरामद शर्ट और बनियान को देखकर मझौली निवासी लापता पहलाद सिंह राजपूत के परिजनों ने कपड़ों की पहचान पहलाद के रूप में की है। इसके बाद बरामद कंकाल के पहलाद सिंह राजपूत का होने की आशंका जताई जा रही है।



बताया जा रहा है कि पहलाद सिंह राजपूत 2 अगस्त से लापता हैं। इस संबंध में बहोरीबंद थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज है। खास बात यह है कि पहलाद के मोबाइल की सिम भी कंकाल मिलने वाले स्थान से कुछ दूरी पर बरामद हुई थी। इन परिस्थितियों के चलते आशंका है कि मसंदा के खिरका भटवा से मिला कंकाल पहलाद सिंह का हो सकता है।

हालांकि, पुलिस ने अभी कंकाल की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है। कंकाल किसका है और यह कितने समय पुराना है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के बाद ही हो सकेगा।

एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि बाकल थाना क्षेत्र के मसंदा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का कंकाल मिला है। कंकाल का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच के बाद ही कंकाल की पहचान स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और सभी की निगाहें फोरेंसिक तथा डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मसंदा के खिरका भटवा से मिला कंकाल लापता पहलाद सिंह राजपूत का है या किसी अन्य व्यक्ति का।

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