बिजनौर के नाबालिग विशाल को नौकरी का झांसा देकर कश्मीर में जबरन 'हमजा' बनाने का मामला आया सामने. यूपी और कुपवाड़ा पुलिस ने दर्ज की FIR, किशोर कस्टडी में.

Bijnor minor forced conversion : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने दो राज्यों की कानून व्यवस्था को कड़े इम्तिहान में डाल दिया है. बिजनौर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के बाखरपुर गांव निवासी एक नाबालिग हिंदू किशोर को नौकरी दिलाने और बेहतर रोजगार का लालच देकर कश्मीर ले जाने और वहां उसका जबरन मजहब तब्दील कराने का गंभीर आरोप लगा है. सोशल मीडिया पर किशोर के धर्मांतरण से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, बल्कि उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच त्वरित समन्वय स्थापित कर जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है.

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में गांव के ही एक युवक की संदिग्ध भूमिका उभरकर सामने आई है. पीड़ित परिजनों के अनुसार, बाखरपुर गांव के रहने वाले वसीम नामक युवक ने किशोर विशाल को सुनहरे भविष्य और अच्छी आजीविका का झांसा दिया था. वसीम के बहकावे में आकर किशोर अपना घर छोड़कर उसके साथ कश्मीर चला गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर हालात पूरी तरह बदल गए. परिजनों ने पुलिस के सामने गुहार लगाते हुए आरोप लगाया कि कश्मीर की वादियों में किशोर को डराया-धमकाया गया, उस पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और अंततः उसे अपनी धार्मिक पहचान बदलने के लिए विवश कर दिया गया. कुछ ही दिनों के भीतर इंटरनेट पर आए एक वीडियो ने इस आशंका को हकीकत में बदल दिया, जिसमें किशोर को इस्लाम धर्म स्वीकार करने की घोषणा करते हुए दिखाया गया और उसका नाम 'विशाल' से बदलकर 'हमजा' कर दिया गया था.

वीडियो के सामने आते ही पीड़ित किशोर के पिता कृष्ण, मां पिंकी और उसकी बहन अन्य रिश्तेदारों के साथ तुरंत बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे. मां पिंकी ने रोते हुए प्रशासन से अपने कलेजे के टुकड़े को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई, वहीं पिता ने इस पूरे कृत्य को एक सुनियोजित साजिश करार दिया. इस संवेदनशील घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह भी पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आए. पूर्व सांसद की अगुवाई में ही परिवार ने जिला पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. कुंवर भारतेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से दो टूक कहा कि एक नाबालिग के साथ इस तरह का छल और जबरन धर्मांतरण कानून व्यवस्था तथा धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का खुला उल्लंघन है, जिसमें किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य होगी.

इस मामले के कानूनी और आधिकारिक पहलुओं में अब एक बड़ा मोड़ आ चुका है. बिजनौर के सीओ सिटी संग्राम सिंह ने पुष्टि की है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. दूसरी ओर, यह मामला उत्तर प्रदेश की सीमा से निकलकर जम्मू-कश्मीर तक पहुंच चुका है, जहां कुपवाड़ा पुलिस ने संज्ञान लेते हुए इस संदर्भ में एक स्वतंत्र प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत कुपवाड़ा पुलिस ने पीड़ित किशोर को अपनी कस्टडी में ले लिया है और आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किशोर को सकुशल उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा. दोनों राज्यों की पुलिस अब इस सिंडिकेट के पीछे छिपे अन्य चेहरों और वित्तीय कड़ियों की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिसका अंतिम परिणाम इस तरह के अवैध धर्मांतरण नेटवर्क की कमर तोड़ने में निर्णायक साबित होगा.

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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