कासगंज: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सोरों तीर्थ के लिए ₹2222 लाख की परियोजनाओं का किया शिलान्यास
सोरों शूकरक्षेत्र के घाटों और मंदिरों के कायाकल्प हेतु ₹22.22 करोड़ आवंटित, दरियागंज झील को ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करेगी उत्तर प्रदेश सरकार।

कासगंज की तीर्थ नगरी सोरों में शुक्रवार को पर्यटन परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर वराह भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना करते प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि।
कासगंज। तीर्थ नगरी सोरों के कायाकल्प और धार्मिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जनपद कासगंज में 2222.22 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कर विकास की नई मशाल प्रज्वलित की। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल सोरों शूकरक्षेत्र बल्कि जिले के समस्त प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की सूरत बदली जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यटन मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा वराह भगवान के दर्शन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना और गंगा कुंड में श्रद्धापूर्वक दुग्धाभिषेक के साथ हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी साक्षी बने।
पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सोरों तीर्थ क्षेत्र के पवित्र कुंडों के घाटों के अग्रभाग, कलात्मक छतरियों, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम और आकर्षक फैसाड वॉल का निर्माण किया जाएगा। इस विशिष्ट परियोजना हेतु 1510.87 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 755 लाख रुपये की प्रथम किस्त जारी भी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, दरियागंज झील के ईको-टूरिज्म विकास हेतु 352.86 लाख रुपये तथा सोरों-शूकर क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर पर्यटकों की सुविधा हेतु साइनेज स्थापना के लिए 358.49 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। विकास की इस कड़ी में प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण समेत सीता माता मंदिर क्षेत्र, बाबा बालकनाथ मठी का जीर्णोद्धार और एक आधुनिक पर्यटक सुविधा केंद्र की स्थापना भी सुनिश्चित की गई है।
धार्मिक आस्था के केंद्रों को प्राथमिकता देते हुए बटुकनाथ, माचूदेव, श्याम देवता एवं सीता रसोई के विकास कार्यों हेतु 202.50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, बाबा बारह घाट एवं सूर्यकुंड के पूर्वी तट के लिए 13 लाख रुपये, घाटों की सीढ़ियों के दाईं ओर के कार्यों हेतु 834.65 लाख रुपये और बाईं ओर के विकास के लिए 165.44 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। बाबा बालकनाथ मंदिर और सूर्य सरोवर मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु भी पृथक धनराशि व्यय की जाएगी।
जनसभा को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता की कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के तीर्थों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बनाने हेतु संकल्पित है। इस दौरान सदर विधायक देवेन्द्र सिंह राजपूत ने मंदिरों के पुनरुद्धार हेतु सरकार के प्रयासों की सराहना की, वहीं अमापुर विधायक हरिओम वर्मा ने इसे 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति का प्रतिबिंब बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने भगवान विष्णु की इस अवतरण भूमि के महत्व को रेखांकित किया। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने सोरों के भविष्य और सांस्कृतिक सद्भाव पर बल दिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल मेहरे, सीडीओ वीरेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। यह परियोजनाएं सोरों को राष्ट्रीय ही नहीं, अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित कर क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

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