हापुड़ कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026: DM और SP ने नक्शे से परखी सुरक्षा, पार्किंग और घाटों की व्यवस्था
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 की तैयारियों के बीच DM कविता मीना और SP मधुबन कुमार सिंह ने नक्शे के जरिए घाटों, पार्किंग, यातायात, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर सख्त निर्देश दिए।

गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गंगा घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण करतीं हापुड़ की जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। गढ़मुक्तेश्वर में आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेला 2026 और गंगा स्नान को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने मेला स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मेले का नक्शा लेकर विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाओं की स्थिति परखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्नान घाटों, सड़कों, पार्किंग स्थलों, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसका उद्देश्य मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को निर्धारित योजना के अनुसार पूरा कराना है।
अधिकारियों ने बृजघाट, खादर घाट, ललित घाट सहित अन्य प्रमुख स्नान घाटों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान घाटों पर पानी के स्तर और श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने की क्षमता का आकलन किया गया। मेले में स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
सड़क और पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण में मेला क्षेत्र की मुख्य सड़कों, संपर्क मार्गों, वैकल्पिक रास्तों और बड़े पार्किंग स्थलों के नक्शे का अवलोकन किया गया। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और मेले के दौरान जाम की स्थिति से बचने के लिए निर्धारित मार्गों तथा पार्किंग स्थलों की तैयारियों को परखा।
आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और उनके स्थानों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पुलिस चौकियों, नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा शिविरों, खोया-पाया केंद्रों, अग्निशमन केंद्रों और पेयजल बिंदुओं की निर्धारित लोकेशन का निरीक्षण किया, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्य स्नान के दिनों में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और यातायात मार्ग परिवर्तन योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मेला नक्शे के आधार पर भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने निर्देश दिए कि नक्शे में दर्शाई गई सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय पर धरातल पर शत-प्रतिशत पूरी की जाएं। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर नक्शे के बड़े होर्डिंग लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालु रास्तों और पार्किंग स्थलों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने कहा कि तैयार किए गए मेला नक्शे के अनुसार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की अंतिम योजना लागू की जाएगी। उन्होंने मेले के प्रत्येक हिस्से में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता इंतजाम करने की बात कही। प्रशासन का लक्ष्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
