एटा के मारहरा से गुजरी एक अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई। आगरा के मदरा गांव के चार बेटे अपने 70 वर्षीय पिता को कांवड़ में बैठाकर सोरों के लहरा गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है।

यह अनूठी कांवड़ यात्रा गांव निवासी जयप्रकाश पुत्र बूदन सिंह अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर कर रहे हैं। कांवड़ की सबसे खास बात यह है कि इसमें 70 वर्षीय पिता को बैठाने के साथ-साथ उनके वजन के बराबर गंगाजल भी रखा गया है। पूरी कांवड़ का कुल वजन लगभग एक क्विंटल यानी 100 किलोग्राम है। चारों भाई बारी-बारी से इस भारी कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

मारहरा से गुजरने के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इस अनोखी कांवड़ यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों ने बेटों की अपने पिता के प्रति श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने इसे श्रवण कुमार की परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।

जयप्रकाश ने बताया कि वे गुरुवार सुबह करीब 8 बजे सोरों के लहरा गंगा घाट से गंगाजल लेकर निकले थे। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए आगरा पहुंचेगी, जहां सोमवार को भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ अपने पिता की सेवा करना भी है।

श्रावण मास में निकाली जा रही यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ माता-पिता के सम्मान, सेवा और सनातन संस्कृति के संस्कारों का संदेश दे रही है। रास्ते में जहां-जहां से यह कांवड़ गुजर रही है, श्रद्धालु हाथ जोड़कर बेटों के इस समर्पण को नमन कर रहे हैं।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story