झांसी। कहते हैं कि खाकी का असली धर्म जनसेवा है, और झांसी की बिजौली पुलिस ने इस कथन को एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाया है। एक महिला यात्री का यात्रा के दौरान ऑटो रिक्शा में छूटा कीमती सामानों से भरा बैग पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता के कारण उन्हें सकुशल वापस मिल गया। इस सराहनीय कार्य ने न केवल पीड़ित महिला के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि आमजन में पुलिस की छवि को और अधिक विश्वसनीय बनाया है।

घटनाक्रम के अनुसार, आशा प्रजापति नामक महिला यात्री 3 जून 2026 को झांसी के जेल चौराहे से ऑटो रिक्शा में सवार होकर बिजौली के लिए निकली थीं। गंतव्य तक पहुंचने के बाद, उन्होंने चालक को किराया दिया और जल्दबाजी में अपने बैग को ऑटो में ही भूल गईं। बैग में मौजूद कीमती सामान खोने की आशंका से महिला गहरे सदमे में थीं।

पीड़ित महिला की सूचना पर बिजौली पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया। उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार शर्मा और रिक्रूट कांस्टेबल दीपक कुमार साहू के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने अथक प्रयास और तकनीकी सतर्कता बरतते हुए उस ऑटो रिक्शा की पहचान की। पुलिस की कड़ी मशक्कत रंग लाई और टीम ने ऑटो चालक तक पहुंचकर सुरक्षित रूप से वह बैग बरामद कर लिया।

शनिवार, 6 जून 2026 को पुलिस ने आधिकारिक रूप से बैग की जांच करने के उपरांत उसे आशा प्रजापति को सुपुर्द कर दिया। अपना कीमती सामान पुनः पाकर महिला भावुक हो गईं और उन्होंने बिजौली पुलिस की तत्परता एवं निष्ठा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में है, जहां स्थानीय निवासी पुलिस के इस संवेदनशीलता भरे कार्य को जनता और पुलिस के बीच भरोसे की एक नई मिसाल मान रहे हैं।

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